मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा : निरंकारी
अमरोहा (ज्योतिबाफूलेनगर)। जीवन में मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है। इस सेवा से कष्ट दूर होते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को यह सेवा करनी चाहिए। रविवार को यह विचार संत निरंकारी भवन में आयोजित साप्ताहिक सत्संग में निरंकारी संत प्रकाश प्रजापति ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि मानव सेवा कर्म है। साथ ही यह जिम्मेदारी भी है। प्रत्येक मनुष्य को यह सेवा कर्म की तरह करनी चाहिए। कहा कि जो व्यक्ति नि:स्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करता है उसके कष्ट अपने आप दूर हो जाते हैं।
इस मौके पर प्रमुख संत राधेश्याम अरोरा ने एक मई को आयोजित रक्तदान शिविर के बारे में जानकारी दी।
गजरौला : संत निरंकारी भवन पर हुए साप्ताहिक सत्संग में सद्गुरू को दया का सागर बताया गया।
हाइवे स्थित निरंकारी भवन पर प्रवचन करते हुए संत गुलाब दास ने कहा कि सद्गुरू दयावान होते हैं। उन्होंने शब्दों के बजाए कर्मो से अच्छी शिक्षा देने का आह्वान किया। किसी के दिल को ठेस नहीं पहुंचाने की बात कही। कहा कि धर्म का काम जोड़ना होता है। किसी तो तोड़ना धर्म का काम नहीं है।
इस मौके पर अशोक कुमार, गुलशनपुरी, हरकेश सिंह, संजय गौतम, रिंकू रावत, बोबी, पंकज कुमार, धर्मपाल सिंह, प्रदीप कुमार, परविन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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