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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ट्रेन के गेट पर बैठा था यात्री, अचानक ऐसा क्या हुआ जो कट गया पैर; बहुत तेज निकली चीख

Published: Sat, 16 Aug 2025 02:29 PM (IST)

जौनपुर के केराकत में बरौनी गोंदिया एक्सप्रेस से यात्रा करते समय एक यात्री का पैर कट गया। बलिया निवासी पवन ...और पढ़ें

ट्रेन के गेट पर बैठे यात्री का पैर कटा
ट्रेन के गेट पर बैठे यात्री का पैर कटा

HighLights

  1. बरौनी गोंदिया एक्सप्रेस में यात्री का पैर कटा |
  2. गेट पर बैठे होने से हुआ हादसा |
  3. गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर रेफर |

जागरण संवाददाता, केराकत (जौनपुर)। बरौनी गोंदिया एक्सप्रेस के गेट पर बैठकर यात्रा कर एक यात्री शुक्रवार शाम पैर कट गया। बलिया निवासी पवन कुमार ट्रेन के गेट पर बैठा था। ट्रेन जैसे ही प्लेटफार्म पर पहुंची वह अपना पैर उठा नहीं पाया। इससे प्लेटफार्म से लगकर उसके पैर का निचला हिस्सा कट गया। घायलावस्था में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां स्थिति गंभीर देख चिकित्सकों ने ट्रामा सेन्टर के लिए रेफर कर दिया।

बिना क्यूआर कोड आईडी, ट्रेन-प्लेटफार्म पर नहीं बिकेगा खाना-पीना

वाराणसी मंडल के गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर अब खानपान बेचने वाले हर वेंडर के पास क्यूआर कोड बेस्ड मानकीकृत आइडी होना अनिवार्य कर दिया गया है। रेलवे ने इसे खानपान की गुणवत्ता पर निगरानी और अवैध वेंडिंग पर अंकुश के लिए पहली बार प्रारंभ किया है।

इसे स्कैन करते ही वेंडर की पूरी कुंडली सामने आ जाएगी। गुणवत्ता, शिकायत पर सीधे संबंधितों की जिम्मेदारी निर्धारित होगी। इस तहस का बनारस पहला स्टेशन होगा जहां पर यह लागू हो गया है। बिना आइडी वेंडिंग अवैध मानी जाएगी।

स्टेशनों प्लेटफार्मों व ट्रेनों में लोगो के लिए भोजन व अन्य पेय व खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने वाले वेंडरों की पहचान को पुख्ता बनाने और वैध वेंडर की पहचान करने के लिए रेलवे ने अब क्यूआर कोड स्कैन आईडी जारी करने की शुरुआत की है। इसका पहला प्रयोग वाराणसी के स्टेशन से किया जा रहा है।

इसके बाद यह धीरे-धीरे क्रमश: सभी स्टेशनों पर लागू कर दिया जाएगा। यात्री अपने मोबाइल से वेंडर का क्यूआर कोड स्कैन करते ही वेंडर की पूरी जानकारी मोबाइल पर पा सकेंगे।

इससे न केवल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नियंत्रण लगेगा, बल्कि शिकायत की स्थिति में सीधे संबंधित वेंडर की जिम्मेदारी तय की जाएगी। गाजीपुर सिटी स्टेशन पर इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। बिना आईडी वेंडिंग अवैध मानी जाएगी और पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी।