महिला सशक्तीकरण की प्रतिमूर्ति थीं रानी लक्ष्मीबाई
जागरण संवाददाता जौनपुर रानी लक्ष्मीबाई के जयंती पर गुरुवार को शैक्षणिक संस्थान व छात्र संग
जागरण संवाददाता, जौनपुर : रानी लक्ष्मीबाई के जयंती पर गुरुवार को शैक्षणिक संस्थान व छात्र संगठन द्वारा विविध आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने उन्हें याद करते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई महिला सशक्तीकरण की प्रतिमूर्ति थीं।
मिशन शक्ति के तहत रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर शारीरिक शिक्षा विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि समाजशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा.हरिओम त्रिपाठी ने कहा कि लक्ष्मी बाई की वीरता कर्तव्यनिष्ठा, वर्तमान महिला समाज के लिए बहुत ही प्रासंगिक है। उनके वीरता की गाथा का उदाहरण देते हुए खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी, के माध्यम उनके जीवन से परिचय कराते हुए महाविद्यालय की छात्राओं को उनके संघर्ष व वीरता से परिचित कराया। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतीक ने रानी लक्ष्मीबाई के कुछ संस्मरणों को बताया गया। अध्यक्षता करते हुए शारीरिक शिक्षा विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डा.जेबी सिंह ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई नारी समाज की शक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की प्रतीक हैं। कार्यक्रम में डॉक्टर रामेंद्र सिंह, शिखा, शिल्पी, खुशबू और रुचि आदि छात्राओं ने भाग लिया। आभार विभागाध्यक्ष डा.शेखर सिंह ने व्यक्त किया। इसी तरह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने रानी लक्ष्मीबाई जयंती को स्त्री शक्ति दिवस के रूप में टीडी कालेज में मैदान में मनाया। नेतृत्व जिला एसएफडी संयोजक कौतुक उपाध्याय ने किया। मुख्य अतिथि विभाग संयोजक डे•ाी सिंह रहीं व कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष डा.राजश्री सिंह ने किया। इस मौके पर प्रिस त्रिपाठी, अभिषेक त्रिपाठी, अंकित यादव, अनिकेश मौर्य, पवन सोनकर, अभिषेक पांडेय, उत्सव सिंह, प्रियांशु सिंह आदि मौजूद रहे।
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