जागरण संवाददाता, जौनपुर : पंडित दीनदयाल उपाध्याय के 105वीं जयंती पर जिले में शनिवार को भाजपाजनों ने खरका कालोनी पार्क तो पूर्वांचल विश्वविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन कर उन्हें याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानवतावाद व अंत्योदय दर्शन के प्रणेता थे।

भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खरका कालोनी स्थित पार्क में जयंती पर पं. दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने वर्ष 1951 में किए और दीनदयाल उपाध्याय को प्रथम महासचिव नियुक्त किए थे। वे लगातार दिसंबर 1967 तक जनसंघ के महासचिव बने रहे। इस मौके पर जिला महामंत्री सुशील मिश्र, अमित श्रीवास्तव, पूर्व जिला अध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह, अशोक श्रीवास्तव, रवींद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

वहीं पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राजनीतिक चितन: एक विमर्श विषय पर एक ई-संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम में एकात्म मानव दर्शन शोध संस्थान एवं विकास प्रतिष्ठान, नई दिल्ली के सह समन्वयक प्रोफेसर डा. त्रिलोचन शर्मा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का एकात्म मानव दर्शन मिनिमम गवर्मेंट- मैक्सिमम गवर्नेंस की भावना के अनुरूप है। कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्या ने कहा कि वर्तमान राजनीति के दौर में पं. दीनदयाल उपाध्याय के राजनीतिक विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं। संचालन पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के सदस्य डा. अनुराग मिश्र व आभार प्रो. अजय द्विवेदी ने व्यक्त किया।

इसी तरह भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील कुमार उपाध्याय ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य पहुंचकर गोद लिए अस्पताल का हाल जाना। चिकित्सकों व कर्मचारियों से उपचार में आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली और शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।

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