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1 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में आरोपित को पकड़ने जौनपुर पहुंची महाराष्ट्र पुलिस, ग्रामीणों ने बनाया बंधक

Published: Sat, 21 Mar 2026 08:27 PM (IST)

जौनपुर में एक करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ने गई महाराष्ट्र पुलिस को ग्रामीणों ने चोर समझकर पीटा और ...और पढ़ें

आरोपित की गिरफ्तारी को आई महाराष्ट्र पुलिस टीम को चोर समझ बनाया बंधक। AI जेनरेटेड फोटो

आरोपित की गिरफ्तारी को आई महाराष्ट्र पुलिस टीम को चोर समझ बनाया बंधक। AI जेनरेटेड फोटो

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जागरण संवाददाता, सिकरारा (जौनपुर)। थाना क्षेत्र के रीठी गांव में गुरुवार की रात एक करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में वांछित आरोपित की तलाश में आई महाराष्ट्र पुलिस टीम को चोर समझकर ग्रामीणों ने पिटाई कर बंधक बना लिया।

पता चलने पर पहुंची दो थानों की पुलिस ने छानबीन के बाद ग्रामीणों को समझाकर टीम को मुक्त कराया। अफरा-तफरी के बीच आरोपित वहां से भाग जाने में सफल हो गया। हालांकि पुलिस पिटाई और बंधक बनाने से इनकार कर रही है।

मछली शहर कोतवाली क्षेत्र के घघरिया गांव का अवधेश उर्फ राहुल मुंबई में रहता था। प्रयागराज जिले के हंडिया थाना क्षेत्र के जरांव गांव निवासी संदीप पांडेय मुंबई में प्रापर्टी खरीदने-बेचने का धंधा करते हैं।

आरोपित की तलाश में पहुंची थी पुलिस

संदीप पांडेय ने पालघर के बोईसर थाना में तहरीर देकर अवधेश सिंह उर्फ राहुल पर धोखाधड़ी कर एक करोड़ रुपये हड़पकर भाग जाने का मुकदमा दर्ज करा रखा है। आरोपित की तलाश में जुटे बोईसर थाना के उपनिरीक्षक नितिन नारडे, हेड कांस्टेबल संदीप पाटिल व एक अन्य सिपाही टीम अवधेश सिंह की तलाश में घघरिया उसके घर पहुंची।

उसके न मिलने पर परिवार के किसी सदस्य को हिरासत में लेकर उसका मोबाइल फोन नंबर लेकर सर्विलांस से मिले लोकेशन पर टीम प्राइवेट कार से रीठी गांव के सुजीत सिंह के घर पहुंची।

घबराकर भागने लगे पुलिस

नागरिक वेश में पहुंची टीम को देखकर आरोपित अवधेश सिंह के कहने पर लोग चोर, चोर का शोर मचाने लगे। ग्रामीण ललकारते हुए दौड़े तो घबरा उठे पुलिस कर्मी भागने लगे। ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इसी दौरान अवधेश सिंह फरार हो गया। पुलिस कर्मियों के अपना परिचय देने पर ग्रामीणों को विश्वास नहीं हुआ।

उन्होंने तहकीकात करने के लिए थाना पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह व बक्शा थाना प्रभारी विक्रम लक्ष्मण सिंह मय फोर्स पहुंच गए। छानबीन में असलियत पता चलने पर ग्रामीण पुलिस कार्रवाई की डर से सहम गए।

थाना प्रभारी ग्रामीणों को समझा-बुझाकर महाराष्ट्र पुलिस टीम को मुक्त कराकर साथ ले गए। इस संबंध एसओ उदय प्रताप ने बताया कि मुंबई पुलिस को यहां की पुलिस को जानकारी देकर जाना चाहिए था। उनके सादे ड्रेस में होने से भी कहासुनी की स्थिति उपजी।

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