यूपी में ई-केवाईसी के बाद कार्डधारकों की खुली पोल, खाते से लाखों का कर रहे लेनदेन; 11013 राशन कार्ड निरस्त
सिद्धार्थनगर में 11013 राशन कार्ड रद्द किए गए हैं। ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग के बाद उच्च आय व बैंक लेनदेन का खुलासा हुआ।

अपात्र पाए जाने पर 11013 राशन कार्ड निरस्त।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर। नगरीय क्षेत्र में तीन और ग्रामीण में दो लाख या इससे अधिक आय वालों के राशन कार्ड नहीं बन सकते हैं। इसके बावजूद कई लोगों ने अपने तथ्य को छिपाकर राशन कार्ड बनवा लिया। जब आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक किया तो सच्चाई सामने आ गई। जिसके बाद गड़बड़ी करने वालों की पोल खुलने लगी है।
जनपद में कुल राशन कार्ड की संख्या 480100 व 1937135 लाभार्थी हैं। इनमें पात्र गृहस्थी के 397606 राशन कार्ड व 1696235 लाभार्थी हैं। जबकि अन्त्योदय राशन कार्ड 82494 व 240900 लाभार्थी हैं।
विभाग ने 11013 राशन कार्ड को मानक से अधिक बैंक खाता में लेनदेन करने पर निरस्त किया है। निरस्त होने वाले राशन कार्ड में ग्रामीण क्षेत्र के 9578 और नगरीय के 1435 सम्मिलित हैं।
आपूर्ति विभाग ने बैंक खाता में मानक से अधिक लेनदेन करने वाले लाभर्थयों के राशन कार्ड को निरस्त करने की कार्रवाई की। राशन कार्ड धारक का ब्योरा व आधार कार्ड संख्या केंद्रीय खाद्य मंत्रालय को भेजा गया।
वहां आयकर विभाग से प्राप्त आईटीआर ब्योरा से इनका मिलान हुआ। जिन पर नगरीय क्षेत्र के तीन और ग्रामीण में दो लाख रुपये से अधिक का लेनदेन दर्शाया गया, उन आधार कार्डों से संबंधित राशन कार्डों के निरस्त करने की सूची जिलों में भेजी गई।
| ब्लॉक | अपात्र-घोषित राशन कार्ड की संख्या |
|---|---|
| इटवा | 254 |
| उस्का बाजार | 575 |
| खुनियांव | 474 |
| खेसरहा | 919 |
| डुमरियागंज | 1174 |
| नौगढ़ | 928 |
| बढ़नी बाजार | 430 |
| बर्डपुर | 903 |
| बांसी | 563 |
| भनवापुर | 1019 |
| मिठवल | 1081 |
| लोटन | 447 |
| शोहरतगढ़ | 308 |
नगरीय निकाय क्षेत्र के अपात्र घोषित राशन कार्ड
| नगरीय क्षेत्र | अपात्र-घोषित राशन कार्ड की संख्या |
|---|---|
| उस्का बाजार | 208 |
| डुमरियागंज | 209 |
| बांसी | 293 |
| बढ़नी बाजार | 233 |
| शोहरतगढ़ | 84 |
| सिद्धार्थनगर | 408 |
शासन ने राशन कार्ड धारकों के लिए नियम बनाए हैं। नगरीय क्षेत्र में तीन और ग्रामीण में दो लाख से कम लेनदेन करने वाले ही पात्रता की श्रेणी में आते हैं। आधार कार्ड लिंक होने से सभी के लेनदेन की जानकारी मिलने लगी है। आयकर विभाग से समन्वय स्थापित कर सूची उपलब्ध की गई है। अपात्र राशन कार्ड को निरस्त कर दिया गया है। -देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।