जागरण संवाददाता, जौनपुर: जौनपुर-शाहगंज रूट पर इलेक्ट्रिक से ट्रेनों को दौड़ाने का रास्ता साफ हो गया है। जफराबाद से अकबरपुर व टांडा तक विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 121 किलोमीटर की इस महत्वपूर्ण परियोजना पर बीते डेढ़ वर्ष से कार्य चल रहा था। शनिवार को हुए प्रारंभिक ट्रायल में सबकुछ दुरुस्त मिला है। हालांकि इसकी औपचारिक शुरूआत सीसीआएस द्वारा ग्रीन सिग्नल देने के बाद ही किया जाएगा।

जौनपुर-शाहगंज रूट पर तकरीबन 35-40 ट्रेने चलती हैं। इसमे 30 एक्सप्रेस व मेल ट्रेन शमिल हैं। इलेक्ट्रिक लाइन से ट्रेनों को रफ्तार तो मिलेगी ही यात्रियों को लेटलतीफी के झंझट से भी छुटकारा मिलेगा। जफराबाद, जौनपुर जंक्शन, मेहरावां, महगांवा, खेतासराय, शाहगंज, बेलवाईं व मालीपुर समेत अकबरपुर व टांडा तक तकरीबन 121 किलोमीटर पर विद्युतीकरण का कार्य कुछ दिनों पहले पूरा किया गया गया। शनिवार को शाम तकरीबन सात बजे खेतासराय रेलवे स्टेशन से लोको पायलट दौड़ाया गया। इस दौरान सीपीडी सुधांशू कृष्ण दुबे सीएओ आलोक गुप्ता समेत रेलवे के अन्य अधिकारी शामिल रहे। इंजन को वाराणसी लेकर भी जाया गया। शुरूआती ट्रायल में सबकुछ ठीक मिला है। बताया जा रहा है कि 30 सितंबर को मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) भी विद्युतीकरण के हुए कार्य का निरीक्षण करने पहुंचेंगे। ट्रैक पर विद्युत से ट्रेनों को दौड़ाने का फैसला उनकी ओर से हरी झंडी दिखाने के बाद ही मिलेगी। विद्युतीकरण का कार्य पूरा नहीं होने की वजह से इस रूट पर चलने वाली अधिकतर गाड़ियां देरी से पहुंचती हैं। कई गाड़ियों का जफराबाद में इंजन बदलने से भी घंटो का विलंब होता है, जिससे जल्द ही निजात मिल जाएगी। जौनपुर जंक्शन से रोजाना तकरीबन चार से पांच हजार यात्री सफर करते हैं। इतनी ही संख्या में शाहगंज स्टेशन से भी मुसाफिर विभिन्न गंतव्यों की ओर रवाना होते हैं। शाहगंज स्टेशन पर चार्जिंग कंट्रोल रूम स्थापित किया जा चुका है। ट्रैक में किसी भी तरह की खराबी में सबसे पहले सूचना इसी स्टेशन पर पहुंचेगी।

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