Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    गंगा का द्वादश नाम स्मरण देता है गंगा स्नान समफल

    By Edited By:
    Updated: Sat, 21 Jan 2012 11:36 PM (IST)

    मछलीशहर (जौनपुर) : माघ मास में हर स्थान पर उपलब्ध जल पवित्र माना गया है फिर भी प्रयाग, काशी, नैमिषारण्य, कुरुक्षेत्र व हरिद्वार की पवित्र नदी के जल का विशेष महत्व है। स्नान के समय मां गंगा के द्वादश नामों का स्मरण करने से वह जल गंगा जल सम माना जाता है तथा गंगा स्नान के बराबर ही फल भी मिलता है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    उक्त बातें नगर के मोदनवाल धर्मशाला में आयोजित धार्मिक गोष्ठी के दौरान विद्वानों ने कही। इस गोष्ठी में माघ मास में स्नान से मिलने वाले फल तथा सोमवारी अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शैलेष मोदन ने कहा कि व्रत, दान एवं तपस्या से श्रीहरि को उतनी प्रसन्नता नहीं होती जितनी कि माघ मास में स्नान करने से होती है। भगवान वासुदेव की प्रीति प्राप्त करने के लिए पूरे माह स्नान करना चाहिए।

    पं. राजपति पांडेय ने माघ मास की द्वादशी तिथि को दिन-रात व्रत रहकर भगवान माधव की पूजा करने की सलाह दी। इससे राजसूय यज्ञ सम फल प्राप्ति होने की बात बतायी। पं.सच्चिदानन्द चौबे ने प्रयागराज में माघ मास के तीन करोड़ दस हजार तीर्थो का समागम होता है। इसलिए पुण्य मिलता है। इस वर्ष पड़ने वाले सोमवारी अमावस्या के स्नान पर्व पर पं.जय नारायण पांडेय, देवी प्रसाद मिश्र आदि ने विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता डा.पीडी गुप्ता तथा संचालन मुरारी श्याम पांडेय ने किया।

    मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर