जागरण टीम, उरई : शनिवार को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही मकर संक्रांति के पर्व पर श्रद्धालुओं ने कालपी के यमुना नदी व पचनद पर स्नान कर सूर्य को जल चढ़ाया। लोगों ने घरों में तिल के लड्डू व दाल के पकौड़े खिलाए। कई स्थानों पर आज भी खिचड़ी भोज हुआ।

मकर संक्रांति के पर्व पर नगर व ग्रामीण क्षेत्र में श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर शनिवार की सुबह श्रद्धालु नदियों के घाट पर पहुंचे और स्नान कर लोगों ने सूर्य देवता के मकर राशि पर आने पर जल चढ़ाकर उनकी भी पूजा अर्चना की। इसके बाद खिचड़ी दान कर कन्याओं को खिचड़ी खिलाई गई। नगर व ग्रामीण क्षेत्र में ब्राह्माणों व मंदिरों में खिचड़ी दान दी गई। उरगांव, नैनापुरा, खनुआं, औरेखी, कुंवरपुरा, लौना, उदोतपुरा, पहाड़पुरा, सुढ़ार सालाबाद, छिरिया सलेमपुर आदि गांवों भी मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया। पं. देवेंद्र दीक्षित के अनुसार चंद्र के आधार पर माह के दो भाग हैं कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। इसी तरह सूर्य के आधार पर वर्ष के दो भाग हैं उत्तरायन और दक्षिणायन। छह माह सूर्य उत्तरायन रहता है और छह माह दक्षिणायन। मकर संक्रांति के दिन से सूर्य उत्तरायन हो जाता है अर्थात धरती का उत्तरी गोला‌र्द्ध सूर्य की ओर मुड़ जाता है। मकर संक्रांति से रातें छोटी होने लगती हैं। इस पर्व के साथ ही सभी शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं। कोंच में मकर सक्रांति पर शनिवार को भी खिचड़ी भोज आयोजनों के कार्यक्रम हुए। नगर के लवली चौराहा पर पालिकाध्यक्ष सरिता वर्मा एवं ब्रजेश राजावत व पूर्व सभासद अमित रावत की अगुवाई में लोगों को खिचड़ी परोस कर खिलाई गई। इस दौरान पंडित संजय रावत, अमरेंद्र दुबे, राजेंद्र दुबे, सौरभ पुरवार, अवनीत गुर्जर, मिरकू महाराज, हरिश्चंद्र तिवारी, विजय अग्रवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।

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