जागरण संवाददाता, उरई: भारत विकास परिषद के तत्वावधान में भारत को जानो प्रतियोगिता बीकेडी एल्ड्रिच पब्लिक स्कूल झांसी रोड, विनायक एकेडमी, रामजीलाल पांडेय इंटर कालेज, सरस्वती विद्या मंदिर, मार्निंग स्टार सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रामश्री पब्लिक स्कूल सहित कई विद्यालयों में संपन्न हुई। जिसमें छह हजार बच्चों ने प्रतिभाग किया।

प्रतियोगिता में प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर अजय इटौरिया ने कहा कि भारत को जानो प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपने देश के बारे में जानकारी हो एवं बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा के लिए सामान्य ज्ञान तैयार हो सके। शाखा अध्यक्ष लखन चंदैया ने कहा कि बच्चों को भारतीय धर्म और संस्कृति की जानकारी हो। यह इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य है। सचिव मोहित सिपौलिया ने बताया कि भारत विकास परिषद का मुख्य प्रकल्प भारत को जानो प्रतियोगिता है जिसमें हर वर्ष पूरे भारतवर्ष के बच्चे शामिल होते हैं। पूरी प्रतियोगिता के प्रकल्प प्रभारी के रूप में विनय गुप्ता रहे जिनके नेतृत्व में सफलतापूर्वक भारत को जानो प्रतियोगिता संपन्न हुई। विद्यालय स्तर की प्रतियोगिता में नवीन विश्वकर्मा, अखिलेश रूसिया, रामनरेश गुप्ता ने सरस्वती विद्या मंदिर राजेंद्र नगर, रेखा गुप्ता, पूनम महतेले ने रामजीलाल पांडेय बालिका इंटर कालेज में, भूपेंद्र कंथरिया एवं अश्विनी पुरवार ने मार्निंग स्टार सीनियर सेकेंडरी स्कूल एवं राघवेंद्र कनकने एवं कल्पना कनकने के द्वारा विनायक एकेडमी इंटर कालेज प्रीति बंसल व रानी अग्रवाल ने कराई। परीक्षा में पारदर्शिता रखी गई। प्रतियोगिताओं से बच्चों ने स्वच्छता का दिया संदेश

संवाद सहयोगी, जालौन: ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को पर्यावरण, पोषण आदि के प्रति जागरूक करने के लिए एमएल कांवेंट स्कूल द्वारा गांव में कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें उक्त विषयों पर बच्चों के बीच प्रतियोगिता का भी आयोजन कराया गया। बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।

सीबीएसई के दूरस्थ सामुदायिक कार्यक्रम योजना के अंतर्गत स्थानीय एमएल कांवेंट स्कूल द्वारा पहाड़पुरा में कैंप लगाकर बच्चों और ग्रामीणों को जागरूक किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य जयंत घोषाल ने बताया कि आज पर्यावरण में प्रदूषण की समस्या सबसे गंभीर है। प्रदूषण के उत्पादक हम ही हैं इसलिए इस विषय में सोचा जाए कि प्रदूषण कम हों। इसके लिए पालीथीन का प्रयोग न किया जाए। गांव में पेड़ों को अधिक से अधिक लगाया जाए। जल प्रदूषण को खत्म करने के लिए गांव में स्थित सार्वजनिक तालाबों और कुएं में गंदगी न डालें। साथ ही स्वच्छता का भी ध्यान रखें। इसके अलावा उन्होंने किशोर होते बच्चे व बच्चियों को पोषण युक्त भोजन दिए जाने की भी अपील की। ताकि वह स्वस्थ रह सकें। इन सबके प्रति बच्चों को भी जागरूक करने के लिए उनके बीच चित्रकला, स्लोगन, निबंध आदि प्रतियोगिताओं का भी आयोजन कराया गया। जिसमें बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

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