17 में सिर्फ तीन विद्यालयों का हो सका कायाकल्प
संवाद सहयोगी कोंच

17 में सिर्फ तीन विद्यालयों का हो सका कायाकल्प
संवाद सहयोगी, कोंच : नगर के परिषदीय विद्यालयों में ऐसे कई विद्यालय हैं जिनके कायाकल्प की आवश्यकता है। विद्यालय की काया बदलने के बाद ही उनमें शैक्षिक वातावरण सही मायने में स्थापित हो सकता है। सरकार की कायाकल्प योजना के अंतर्गत बीईओ ने 17 परिषदीय विद्यालयों की सूची नगर पालिका और उच्चाधिकारियों को भेजी थी लेकिन इनमें मात्र तीन विद्यालयों का ही कायाकल्प किया जा सका।
नगर में बने 13 परिषदीय विद्यालय जीर्णशीर्ण स्थिति में होने के कारण शैक्षिक वातावरण से कोसों दूर हो चुके हैं। इन विद्यालयों का शैक्षिक वातावरण बहाल हो इसके लिए विद्यालयों की कायाकल्प होना अति आवश्यक है। इन 13 विद्यालयों में 4 विद्यालयों की छत नहीं है। टीन शेड डालकर काम चलाया जा रहा है। जो हर मौसम में छात्रों को पढ़ने नहीं देता और 9 विद्यालय जीर्णशीर्ण हैं। जिनकी छतें वर्षा में टपकती हैं और हमेशा छत ढहने का डर भी छात्रों और अध्यापकों को लगा रहता है। इन्हीं में पांच विद्यालय किराए के भवनों में हैं जिन्हें खाली कराने के लिए भवन स्वामी हर समय तैयार रहकर विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण बहाल नहीं होने देते। बीते वर्षों जब सरकार ने कायाकल्प योजना चलाई तो विद्यालय की काया बदलने का जिम्मा शहरों में नगर पालिका और गांवों में ग्राम पंचायत को दिया गया। तत्कालीन बीईओ ने भी 17 परिषदीय विद्यालयों की सूची उच्चाधिकारियों के माध्यम से नगर पालिका में इस उम्मीद के साथ भेजी कि वह अपनी धनराशि से इन विद्यालयों की कायाकल्प कर नया निर्माण और मरम्मत का कार्य करेगी। जिसमें मात्र 3 विद्यालय ही कायाकल्प योजना से लाभान्वित हो पाए। शेष विद्यालयों को कोई बजट नहीं मिल पाया। बीईओ शैलजा व्यास ने बताया कि विद्यालयों के कायाकल्प की आवश्यकता है। कायाकल्प के लिए 17 विद्यालयों की सूची नगर पालिका भेजी गई थी जिनमें मात्र 3 पर ही निर्माण कार्य हो सका। अब वह पुनः पत्र भेजकर शेष विद्यालयों की कायाकल्प के लिए कहा जाएगा। ईओ नगर पालिका पवन किशोर मौर्या ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसी कोई सूची नहीं है जिसे शिक्षा विभाग द्वारा भेजा गया हो। यदि शिक्षा विभाग स्कूलों के कायाकल्प की सूची उपलब्ध कराता है तो बोर्ड बैठक में विचार किया जाएगा।
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