जालौन के 53 हजार किसानों को मुआवजा, पहली किस्त के 5 करोड़ रुपये12 अक्टूबर तक खातों में पहुंचने की उम्मीद
उरई जनपद में अतिवृष्टि से 53 हजार किसानों की खरीफ फसलें बर्बाद हो गईं, जिसके मुआवजे के लिए 29 करोड़ ...और पढ़ें

ये फोटो एआई जनरेटेड है।
HighLights
53 हजार किसानों की खरीफ फसलें अतिवृष्टि से हुईं बर्बाद
मुआवजे के लिए 29 करोड़ का प्रस्ताव, 5 करोड़ की किश्त मिली
सोमवार तक किसानों के खातों में पहुंचेगी पहली किश्त की राशि
जागरण संवाददाता, उरई। जनपद में अतिवृष्टि के चलते किसानों को भारी नुकसान हुआ है। खरीफ की उर्द, तिल, मूंग, ज्वार, बाजरा आदि फसलें चौपट हो गई हैं। इसके साथ ही भराऊ खेतों में अब तक काफी पानी भरा हुआ है। जिससे किसान रबी की बोआई के लिए किसान खेत तैयार नहीं कर पा रहे हैं।
अतिवृष्टि के चलते जिले के लगभग 53 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। जिनको क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने 29 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिसमें पांच करोड़ की पहली किश्त मिली है। जिसके बाद डाटा फीडिंग का कार्य शुरू किया गया है। बताया जा रहा है कि सोमवार तक किसानों के खातों में पैसा पहुंच जाएगा।
जिले में इस बार अत्यधिक बारिश हुई। 25,26 और 27 सितंबर को भारी वर्षा हो गई। जिससे रही सही कसर पूरी हो गई। किसानों की उम्मीदों पर पूरी तरह से पानी फिर गया। लगभग सभी तहसील क्षेत्रों में किसानों की फसल चौपट हो गई। जिन किसानों ने धान की रोपाई की थी वह तो सुकून में रहे लेकिन तिल, मूंग, उर्द, ज्वार, बाजरा की बोआई करने वाले किसानों को बारिश की वजह से नुकसान उठाना पड़ा।
जिला प्रशासन ने तुरंत क्षति का सर्वे कराया जिसमें पाया गया कि जिले के लगभग 53 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। लगभग 34 हजार हेक्टेयर में बोई गई फसलों को नुकसान पहुंचा है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने किसानों को राहत देने के लिए 29 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा था। जिसके सापेक्ष पांच करोड़ की पहली किश्त मिली है।
किसानों की डाटा फीडिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। अपर जिलाधिकारी राजीव राज का कहना है कि सोमवार या मंगलवार तक किसानों के खातों में पैसा पहुंचने लगेगा। इसके साथ ही शासन से और भी धनराशि की मांग की गई है।
खेतों में भरा पानी, खेत तैयार नहीं कर पा रहे किसान
बारिश की वजह से जिले में भराऊ खेतों में पानी भर गया है। डकोर ब्लाक क्षेत्र में पचास प्रतिशत क्षेत्रफल में किसानों के खेत भरे हुए हैं। इसी तरह से माधौगढ़ और जालौन क्षेत्र में भी बहुत से किसानों के खेत में पानी भरा है। जिससे रबी की बोआई के लिए किसान खेत तैयार नहीं कर पा रहे हैं। इससे बोआई में देरी होने का खतरा बना हुआ है।
पशु हानि व घर गिरने वालों को दी जा चुकी सहायता राशि
जिला प्रशासन ने अत्यधिक बारिश के चलते हुए नुकसान के आंकलन में पाया कि जिले में दो पशु हानि के मामले सामने आए हैं। जिसमें प्रभावित परिवारों को 75 हजार की राहत राशि प्रदान की गई। इसके अलावा 577 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के मामले में 23 लाख की सहायता राशि दी गई है।
