IAS रिंकू सिंह की सुरक्षा मांग पर विशेष सचिव ने डीजीपी को लिखा पत्र, जांच के आदेश
आईएएस रिंकू सिंह राही ने अपनी सुरक्षा को खतरा बताते हुए डीजीपी व विशेष सचिव को पत्र लिखा था। राज्यपाल ...और पढ़ें

आईएएस रिंकू सिंह राही।
HighLights
19 अगस्त को रिंकू सिंह ने अपने लिए खतरा बताते हुए डीजीपी व विशेष सचिव को लिखा था पत्र
विशेष सचिव के 24 सितंबर को जारी पत्र को रिंकू सिंह ने सोमवार को एक्स में पोस्ट कर की टिप्पणी
जागरण संवाददाता, उरई। बिना काम के वेतन लेना नियम के विपरीत बताकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आइएएस) से इस्तीफा देने वाले अधिकारी व उरई सदर में एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही की ओर से अपने को खतरा बताते हुए 19 अगस्त को भेजे पत्र को लेकर विशेष सचिव राज्यपाल की ओर से पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा गया है। इसमें रिंकू की मांग पर ध्यान देने व मामलों की जांच कर कार्रवाई कर रिपोर्ट तलब की है।
24 सितंबर को जारी इस पत्र को रिंकू ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि मेरे अनुरोध पर संज्ञान लेकर उसे संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। अब वास्तविक परीक्षा यह है कि जिस नौकरशाही को कार्रवाई को निर्देशित किया है, वे अनुपालन करते हैं या फिर रदी की टोकरी में डाल देते हैं।
पांच मई को रिंकू सिंह की जालौन तहसील में एसडीएम के पद पर पहली तैनाती हुई थी। यहां लेखपाल, वकील, शिक्षकों की ओर से उन पर अभद्रता का आरोप लगा था। जालौन भाजपा ब्लाक प्रमुख रामराजा निरंजन के 23 जून को कोल्ड स्टोरेज की जांच के दौरान ब्लाक प्रमुख को थप्पड़ मारने का प्रयास की शिकायत के बाद 30 जून को सदर तहसील में न्यायिक एसडीएम के पद पर उनको स्थानांतरित कर दिया गया था।
उरई पालिका के कार्यों की जांच टीम के सदस्य पद से हटाने पर 29 जुलाई को शासन को आधा काम तो आधा वेतन व तत्कालीन डीएम के जनता दर्शन पर सवाल उठाते हुए पत्र लिख कर उसे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया था। 15 अगस्त को कलेक्ट्रेट में अपने संबोधन में कहा था कि लोग आजादी का जश्न मना रहे हैं, जबकि जिन शहीद भगत सिंह को लोग आज क्रांतिकारी कहते हैं, वह घर के सबसे बेकार बच्चे थे।
19 अगस्त को उन्होंने सचिव कार्मिक को पत्र भेज कर अपना कैडर बदल कर स्थानांतरण की मांग की थी। लिखा था कि भगत सिंह के बलिदान का सकारात्मक तरीके से ही संदर्भ लिया था। किंतु षड़यंत्र कर मीडिया में प्रसारित कराया गया। इसकी प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर थानाध्यक्ष उरई को उपलब्ध कराई थी, किंतु कोतवाल आनंद कुमार सिंह ने रिसीव नहीं की। अनुरोध करने पर प्रशासन ने सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई।
वह 2009 में घटित मुजफ्फरनगर जैसी किसी घटना से बचाव के लिए चिंतित हैं। इसी पत्र का संदर्भ लेकर विशेष सचिव राज्यपाल श्रीप्रकाश गुप्ता ने डीजीपी को भेजे पत्र में लिखा कि रिंकू सिंह की उरई सदर कोतवाली को दी गई तहरीर कोतवाल आनंद कुमार सिंह द्वारा प्राप्त न किए जाने पर उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने, रिंकू को सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने के मामले में कार्रवाई कर सचिवालय को अवगत कराएं।
रिंकू ने इस पत्र को एक्स पर प्रसारित कर लिखा कि मुझे भी यह देखना है कि मेरी तहरीर पर मुकदमा दर्ज होता है या नहीं। जिला समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए ऐसा कई बार हुआ; अब शायद आइएएस अधिकारी के रूप में भी यही अनुभव होना है। रिंकू सिंह ने इस मामले में कहाकि पत्र शासन से जारी हुआ है, अब देखना है कि क्या कार्रवाई होती है।
पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें रिंकू सिंह से संबंधित विशेष सचिव का पत्र मिला है, उसका सरकारी जवाब लिख कर भेजा जाएगा, शासन से और जो निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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