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    अनुसूचित जाति के अभ्यर्थी के लिए आय प्रमाण पत्र नहीं जरूरी

    By JagranEdited By:
    Updated: Sun, 31 Jul 2022 09:46 PM (IST)

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    अनुसूचित जाति के अभ्यर्थी के लिए आय प्रमाण पत्र नहीं जरूरी

    अनुसूचित जाति के अभ्यर्थी के लिए आय प्रमाण पत्र नहीं जरूरी

    फोटो संख्या : 10

    - अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष ने छात्र छात्राओं को दिए टैबलेट

    - शहरों की तरह ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी सिविल और इंजीनियरिंग परीक्षा पास कर करेंगे देश का नाम रोशन

    जागरण संवाददाता, उरई : अनुसूचित जाति के आवेदकों को उद्यमी बनाने के लिए सरकार ने आजादी के बाद पहली बार पात्रता आय सीमा और अनुदान राशि में बड़ा परिवर्तन कर दिया है। जिससे अब अनुसूचित जाति के लोग भी लघु, मध्यम एवं बड़े उद्योग स्थापित कर उद्यमी बन सकेंगे।

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    रविवार को राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डा. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि अभी तक पात्रता के लिए आय सीमा ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये वार्षिक निर्धारित थी। अब सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों के लिए आय सीमा मुक्त कर दी गयी है। लेकिन जिनकी आय 2.50 लाख रुपये या उससे कम होगी, उन्हें योजनाओं में वरीयता दी जाएगी। जबकि अतिरिक्त अनुदान राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई है। उन्होंने कहा कि विशेष केन्द्रीय सहायता के तहत संचालित निगम की रोजगार परक योजनाएं अब प्रधानमंत्री अभ्युदय योजना के नाम से जानी जाएंगी। इसके तहत रोजगार योजनाओं के अतिरिक्त प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना तथा बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना को भी इसके साथ जोड़ दिया गया है। कहा कि अनुसूचित जाति के लोग कृषि, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, हथकरघा उद्योग एवं सेवा व्यापार आदि के तहत अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं। यह अनुसूचित जातियों को रोजगार से जोड़ने के लिए यह एक बड़ा कदम है। इससे दलितों का बड़ा वर्ग उद्यमी बनकर उभरेगा। कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अनुसूचित जातियों का समग्र विकास हो रहा है। सरकार अनुसूचित जातियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। इसके पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत रानी लक्ष्मी बाई विकास भवन सभागार में प्रतिभावान एवं मेधावी छात्र छात्राओं को टैबलेट वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले महानगरों में ही सिविल एवं इंजीनियरिंग का कंपटीशन पास करने के लिए छात्र छात्राओं को घर छोड़कर जाना पड़ता था। लेकिन अब सरकार ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत निश्शुल्क कोचिंग की व्यवस्था सभी जगह कर दी है। जिससे अब शहरों के साथ- साथ ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभावान बच्चे सिविल और इंजीनियरिंग की परीक्षा पास कर देश का नाम रोशन करेंगे। इस दौरान सदर विधायक गोरी शंकर वर्मा, निगम के सदस्य भग्गू लाल बाल्मीकि, मुख्य विकास अधिकारी डा. अभय कुमार आदि उपस्थित रहे।