नमूना फेल होने पर कारोबारी के खिलाफ दर्ज होगा मामला
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जिलास्तरीय सतर्कता
जागरण संवाददाता, उरई : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जिलास्तरीय सतर्कता समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। इसमें विभाग द्वारा अब तक चलाए गए अभियानों व कार्रवाई की समीक्षा की गई। डीएम ने निर्देश दिए कि नमूना लेने के बाद जिस कारोबारी का नमूना फेल हो तो उसकी एक प्रति पुलिस अधीक्षक के पास भी भेजी जाए ताकि प्राथमिकी दर्ज कराई जा सके।
बैठक में अभिहित अधिकारी डॉ प्रियंका सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में कुल 310 नमूने विभाग ने संग्रहित किए थे। जिसमें से 214 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। न्यायालय में 185 कारोबारियों के खिलाफ मामले दायर किए गए थे जिसमें न्यायालय द्वारा 3040520 रुपये अर्थ दंड लगाया गया था। इस वित्तीय वर्ष में 114 नमूने लिए गए जिसमें से 38 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। डीएम डॉ मन्नान अख्तर ने निर्देश दिए कि जिस खाद्य कारोबारी के यहां से लिया गया नमूना मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया जाता है उसकी जांच रिपोर्ट की एक प्रति पुलिस अधीक्षक को भेजी जाए ताकि संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सके। डीएम ने कहा कि नकली गुटखा आदि के नियंत्रण के लिए भी प्रभावी अभियान चलाएं। त्योहारों को देखते हुए पूरे जिले में अभियान संचालित किया जाए। इस मौके पर सीएमओ डॉ. अल्पना बरतारिया, डीपीआरओ अभय कुमार यादव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
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