संसू, हाथरस : कहा जाता है- साहित्य, संगीत और कला से विहीन मनुष्य सींग और पूंछ विहीन पशु के समान होता है। जिनके जीवन में साहित्य होता है, उनका जीवन अभावों में भी भावों से भरा होता है। सच्चे साहित्यकार अंधेरे को अंधेरा कहने की बजाय नई रोशनी गढ़ लेते हैं जिससे दूसरों का भी मार्गदर्शन होता है। तंत्र के गण की श्रृंखला में साहित्य क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने वाली युवा कवयित्री उन्नति भारद्वाज से करा रहे हैं रूबरू।

परिचय : कवयित्री उन्नति भारद्वाज बाड़ी, सिकंदराराऊ के डा. अरविद कुमार शर्मा की पुत्री हैं। संयोग भी खास है, उनका जन्म 14 सितंबर 2009 को हिदी दिवस वाले दिन हुआ। महज 13 वर्ष की उम्र में उन्नति अपनी ओजस्वी कविता के माध्यम से पूरे देश में पहचानी जाती हैं। वीर रस की कवयित्री जन-जन में जोश का संचार करती है। उन्नति ने बहुत ही कम उम्र में सिकंदराराऊ का नाम रोशन किया है। फिलहाल सिकंदराराऊ के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में कक्षा नौ की छात्रा हैं।

कम उम्र की कवयित्री :

वर्ष 2021 में विश्व के सबसे बड़े हिदी काव्य मंच राष्ट्रीय कवि संगम की ओर से आयोजित श्री राम राष्ट्रीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में उन्नति विधानसभा, जिला व प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहीं, जिसमें देश के लगभग 22,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसमें 15 नवंबर 2021 को रोहिणी दिल्ली में राष्ट्रीय काव्य पाठ किया गया जिसमें भी उन्नति का श्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उन्नति 15 कवियों में सबसे कम उम्र की थीं। संभल में आयोजित आजादी के अमृत महोत्सव राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में उन्नति को सर्वश्रेष्ठ कवयित्री का सम्मान प्राप्त हुआ।

काव्य यात्रा :

उन्नति भारद्वाज ने अपनी काव्य यात्रा आठ अगस्त 2019 को वृंदावन के विरागी आश्रम में हुए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में आचार्य गौरव कृष्ण पांडे के सानिध्य में प्रारंभ की। उस समय उन्नति 11 वर्ष की थीं। उसके बाद राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली व अन्य प्रदेशों में लगभग 150 काव्य मंचों पर काव्य पाठ कर चुकी हैं।

उपलब्धियां : उन्नति मंडल स्तरीय विद्यालय प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान पर रहीं। दाऊजी मेले में जिलाधिकारी हाथरस ने उन्नति को श्रेष्ठ कवयित्री का सम्मान दिया। दैनिक जागरण की प्रतियोगिता कल का नीरज में उन्नति मंडल में तृतीय स्थान पर रहीं। कोटा, राजस्थान की संस्था कवि चौपाल से वर्ष 2020 का हिदी साहित्य रत्न सम्मान दिया गया। राष्ट्रीय कवि संगम की दिनकर राष्ट्रीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में 5400 कवियों में से उन्नति का सातवां स्थान रहा।

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