छत्तीसगढ़ पुलिस के सिपाही की मौत के बाद हंगामा, कार्रवाई न होने पर सादाबाद में सड़क पर उतरे ग्रामीण
सादाबाद में छत्तीसगढ़ पुलिस के सिपाही की मौत के बाद कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया। अधिकारियों ने जांच टीम गठित करने और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सालय की लैब को सील कर दिया है।

सड़क पर हंगामा करते लोग।
संवाद सूत्र, जागरण. सादाबाद। चार दिन पूर्व गांव गढ़ी हररूप निवासी छत्तीसगढ़ पुलिस के सिपाही महाराज सिंह की मौत के मामले में हास्पीटल संचालक पर कार्रवाई न होने पर गांव के लोग सड़क पर उतर आए। सिपाही के परिवार ने उपचार करने वाले चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए क्लीनिक के सामने बस स्टैंड परिसर में धरना प्रदर्शन किया।
पांच घंटे तक चले इस धरने में विधायक, एसडीएम और अन्य लोग प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे। जांच टीम गठित होने और कार्रवाई के आश्वासन पर लोग धरने से उठे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक की लैब को सील कर दिया गया।
25 नवंबर को हुई थी मृत्यु, चार दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में फैला रोष
महाराज सिंह छुट्टी पर घर आए हुए थे। इसी बीच उनकी तबीयत खराब हो गई। उन्हें सादाबाद के बस स्टैंड के सामने डॉ. भगवती प्रसाद के चिकित्सालय पर दिखाया। वहां उपचार कराया। इलाज में लाभ नहीं होने पर वह कस्बे के बाईपास स्थित दूसरे हॉस्पिटल में ले गए। यहां से आगरा ले गए। 25 नवंबर को उनकी मृत्यु हो गई थी। जवान के भाई महीपाल सिंह ने सादाबाद के एक निजी चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए गुरुवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों शिकायती पत्र दिया। इसके साथ ही कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार को कैंडल मार्च और धरना प्रदर्शन का अल्टीमेटम भी फेसबुक पर दिया।
पांच घंटे चला धरना प्रदर्शन, चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप, लैब सील
कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा से कैंडल मार्च निकालते हुए लोगों ने रोडवेज बस स्टैंड स्थित क्लिनिक के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। हाथों में तिरंगा लेकर नारेबाजी की। यह लगभग पांच घंटे तक जारी रहा। धरना प्रदर्शन की सूचना पर क्षेत्र में भारी भीड़ एकत्र हो गई। मौके पर भारतीय किसान मजदूर संगठन, भारतीय किसान यूनियन चौधरी चरण सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी सहित कई पदाधिकारी पहुंच गए।
एसडीएम के निर्देश पर जांच टीम गठित, तीन दिन सौंपेगी जांच रिपोर्ट
क्षेत्रीय विधायक प्रदीप चौधरी एवं राष्ट्रीय लोकदल के कई पदाधिकारी भी समर्थन में पहुंचे। सभी ने संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। उप जिलाधिकारी मनीष चौधरी, पुलिस उपाधीक्षक अमित पाठक और स्वास्थ्य विभाग के दो अपर मुख्य चिकित्साधिकारी पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। डिप्टी सीएमओ एमआई आलम ने बताया कि हास्पीटल की लैब को सील कर दिया गया है। तीन दिन में जांच कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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