संवाद सूत्र, हाथरस : पांच वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में नया मोड़ आया है। आरोपित लड़कों ने एक मौलवी का नाम उजागर किया, जिसने उन्हें इस तरह की घटनाओं के लिए उकसाया था। इस बात की जानकारी पर लोगों का आक्रोश सातवें आसमान पर जा पहुंचा। बिसावर का बाजार बंद कर प्रदर्शन किया तथा मौलवी की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस ने समझा-बुझाकर मामला शांत किया तथा बाजार खुलवाया।

नगला छत्ती के तीन किशोर ट्यूशन से लौट रही बच्ची को बहला-फुसला कर एकांत स्थान पर ले गए थे तथा वहां गलत काम करने का प्रयास किया था। ग्रामीणों ने एक किशोर को रंगे हाथ दबोच लिया था। बच्ची व आरोपित किशोर निर्वस्त्र थे। लोगों ने किशोर की पिटाई कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। फरार दोनों किशोरों की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा हुआ। रात में शेष दो को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मुख्य आरोपित देखने में कम उम्र का लग रहा था, लेकिन उसकी वास्तविक उम्र 15 वर्ष है। बाद में पकड़े गए दोनों आरोपित 14-14 साल के हैं। लड़की के पिता ने तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। बुधवार को तीनों को पुलिस सुरक्षा में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। जहां से इन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया। इधर लोगों ने जब मुख्य आरोपित से पूछताछ की गई तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। किशोर ने बताया कि उसने हाथरस के एक मदरसे में दो साल शिक्षा ग्रहण की है। वहां के मौलवी गलत काम करते थे तथा उन्हीं ने इस तरह के काम के लिए उन्हें उकसाया था।

किशोर की बातों से लोग सन्न रह गए। आरोपित मौलवी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार की सुबह बिसावर का बाजार नहीं खोला गया। लोग धरने पर बैठ गए तथा आरोपित मौलवी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। बिसावर में तनाव के चलते एसएचओ अनिल कुमार, सीओ योगेश कुमार पहुंच गए। लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिया तथा मुकदमे में शामिल करने का भी आश्वासन दिया। इसके बाद बाजार खुला। बिसावर में पीएसी तैनात की गई है। शाम को फोर्स ने फ्लैग मार्च भी किया। प्रदर्शन में ये रहे शामिल

प्रदर्शन स्थल पर प्रधान विजयपाल ¨सह, पूर्व विधायक विजेंद्र ¨सह, बंटी चौधरी, अर¨वद चौधरी, सुनील चौधरी, जगवेंद्र चौधरी, पराग अग्रवाल, जगदेव आर्य, जगमोहन चौधरी सहित अनेक व्यापारी व दुकानदार मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए पुलिस ने हर दांव-पेच अपनाए। विभिन्न राजनेताओं व संगठनों के पदाधिकारियों से संपर्क किया गया। उन लोगों ने भी प्रदर्शनकारियों से बात कीं तथा समझाया।