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    Karva Chauth 2022 : सर्वार्थ सिद्धि योग से होगी दिन की शुरुआत, करवा चौथ व्रत का महत्व बढ़ाएंगे कई दुर्लभ संयोग

    By Jagran NewsEdited By: Anil Kushwaha
    Updated: Wed, 12 Oct 2022 12:21 PM (IST)

    Karva Chauth 2022 करवाचौथ का पर्व 13 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस बार इस पर्व पर कई दुर्लभ योग बन रहे हैं। अखंड सौभाग्य के लिए रखे जाने वाले व्रत का महत्व विशेष दुर्लभ योग से और बढ़ जाएगा।

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    ज्योतिषाचार्य सीपु जी ने बताया करवाचौथ का महत्‍व।

    हाथरस, जागरण संवाददाता। Karva Chauth 2022 : करवा चौथ का पर्व इस अधिक खुशहाली लेकर आ रहा है। यह पर्व 13 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस बार इस पर्व पर कई दुर्लभ याेग बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग से ही दिन की शुरुआत होगी। अखंड सौभाग्य के लिए रखे जाने वाले व्रत का महत्व विशेष दुर्लभ योग से और बढ़ जाएगा। करवा चौथ के लिए तैयारियां घरों में बुधवार से ही शुरू कर दी गई हैं।

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    करवाचौथ से हो जाती है दीपावली की शुरुआत

    दीपावली का पर्व एक महोत्सव की तरह मनाया जाता है। इसकी शुरुआत करवा चौथ व्रत से हो जाती है। इस पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन महिलाएं दिन में व्रत रखती है। घरों में सुबह से ही तैयारियां शुरू हो जाती है। यह पर्व सुहागिनों के लिए विशेष महत्व रखता है। इसका उन्हें साल भर इंतजार रहता है। ज्योतिषाचार्य सीपु जी महाराज बताते हैं कि इस बार यह पर्व खुशहाली लेकर आया है। पर्व को लेकर कई विशेष योग बन रहे हैं। इनसे इस पर्व की महत्ता और बढ़ जाएगी। यह योग कल्याणकारी हैं।

    सर्वार्थ सिद्धि योग से होगी दिन की शुरुआत

    करवा चौथ पर्व की शुरुआत ही अच्छे योग से हो रही है। ज्योतिषाचार्य सीपु जी बताते हैं कि इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं। गुरुवार को सुबह से ही सर्वार्थ सिद्धि योग लग रहा है। इसके साथ ही इस दिन शुक्र और बुध के एक ही राशि कन्‍या में रहने से लक्ष्मी नारायण योग बना रहा है। वहीं बुध और सूर्य भी एक ही राशि में रहकर बुधादित्‍य योग बना रहे हैं।

    यह भी पढ़ें : Aligarh News: बारिश थमते ही करवा चौथ के प्रति महिलाओं में बढ़ा उत्‍साह, खनकी चूड़ियां, चमके बाजार

    जिले में रात में 8.10 बजे होंगे चंद्रमा के दर्शन

    ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि करवा चौथ पर शनि स्‍वराशि मकर और गुरु स्‍वराशि मीन में रहेंगे। साथ ही चंद्रमा अपनी उच्‍च राशि वृषभ में रहेंगे। कुल मिलाकर ये सभी ग्रह मिलकर बेहद शुभ स्थितियां बना रहे हैं। इस साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 12 अक्टूबर को रात 01.59 बजे से 14 अक्टूबर को सुबह 03.08 बजे तक रहेगी। हाथरस में चंद्रमा लगभग 08.10 बजे पर दिखाई देगा।

    मनपसंद जीवन साथी पाने रखा जाता है व्रत

    ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि करवा चौथ के दिन चंद्रमा की पूजा दांपत्य जीवन के लिए बेहद शुभ फलदाई मानी जाती है। करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। इसकी तैयारी कई दिनों से की जा रही है। वहीं कुंवारी कन्याएं मन पसंद जीवनसाथी पाने के लिए इस व्रत को रखती हैं। इस दिन मां पार्वती, भगवान शिव और गणेश की भी पूजा की जाती है।