धर्म मार्ग से कोई भी युद्ध जीत सकते हैं : रामभद्राचार्य
बागला कालेज परिसर में श्रीराम कथा के दौरान बोले कथा व्यास परमसंत गया प्रसाद और काका हाथरसी को किया याद जय श्रीराम -विहिप के संयोजक दिनेशजी ने लिया कथा व्यास से आशीर्वाद बोले-गिर्राजजी के सुशोभित संत गया प्रसाद की पावन नगरी है हा
संवाद सहयोगी, हाथरस : बागला कालेज परिसर में श्रीराम कथा के पहले दिन श्री तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य
ने कहा कि धर्म के रास्ते पर चलते हुए कोई भी युद्ध आसानी से जीता जा सकता है। रावण की हार का कारण ही उसके द्वारा अधर्म के रास्ते का अनुसरण करना रहा।
शहर में श्रीराम कथा महोत्सव का शुभारंभ रविवार को धूमधाम से हुआ। दोपहर बाद बागला कालेज परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। विश्व हिदू परिषद के संरक्षक दिनेशजी ने भी संत का आशीर्वाद लिया।
दोपहर में कलशयात्रा के बाद शाम को करीब 5.30 बजे कथा शुरू हुई। पद्म विभूषण स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि हाथरस से उनका पुराना नाता है। गिर्राज भगवान के सुशोभित संत गया प्रसादजी की यह पावन जन्म स्थली है। काका हाथरसी ने इसे विश्व पटल पर चमकाया। बाबा गयाप्रसाद के साथ खूब सत्संग हुआ है। यहां पर शकुंतला गोस्वामी, मानस शास्त्री जैसे धर्मानुयाई इस नगरी की ही देन हैं।
कथा व्यास ने कहा कि राम कथा कोई रंगारंग कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मरंजन का कार्यक्रम है। यह धाíमक आयोजन आपकी दिशा व दशा बदल देगा। इस कथा में मेरे जन्म से संबंधित तीन तिथियां सम्मिलित हो रहीं हैं। जो मकर संक्रांति, मार्गश्री व मेरा जन्मोत्सव शामिल है। इन तिथियों का पुण्य संयोग कभी-कभी ही देखने को मिलता है।
यजमान बने दो दंपती :
कथा प्रवचन के दौरान दो दंपती प्रथम दिन यजमान बनाए गए। इनमें अमित श्रोती व उनकी पत्नी निधि श्रोती एवं राकेश शर्मा व उनकी पत्नी विनीता शर्मा शामिल हुईं।
सराहनीय रहीं व्यवस्थाएं
कार्यक्रम की तैयारियां महीने भर से चल रही थीं। आयोजकों ने कड़ी मेहनत की। विशाल पंडाल सुविधाओं से युक्त बनाया। इसमें वीआइपी, महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के बैठने के लिए अलग-अलग खंड बनाए गए हैं। प्रकाश की उत्तम व्यवस्था है। पीछे बैठे लोगों की सुविधा और लाइव प्रसारण के लिए कई बड़ी एलईडी लगी हैं।
कपड़े के बैग, धाíमक पुस्तकों के अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। राधा माधव सेवा समिति के सौजन्य से यह कार्यक्रम हो रहा है। समिति के प्रबंधक राहुल कौशिक, डॉ. अविन शर्मा, राजेंद्रनाथ चतुर्वेदी, राहुल चौधरी, दीपेश गर्ग, संजीव रावत, गोपालकृष्ण शर्मा, तरुण शर्मा, जय शर्मा, राकेश हींगवाले, गौरव अग्रवाल आदि मौजूद थे। कलशयात्रा में इनसेट- रस्सी में उलझे लोग
कलशयात्रा के दौरान पीछे चल रहे लोग रस्सी में उलझ गए थे। फंसने के कारण लोग एक-दूसरे पर गिर गए। आनन-फानन रस्सी को काटकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसमें कोई घायल नहीं हुआ।
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