विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाथरस हादसे की भयावह तस्वीरें… कीचड़ से सनी चप्पलें और कपड़े चीख-चीखकर बता रहे खाैफनाक मंजर की दास्तां

Published: Tue, 02 Jul 2024 09:07 PM (IST)

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में सिकंदराराऊ के गांव फुलरई में सत्संग के समापन के बाद हजारों लोगों की भीड़ ...और पढ़ें

भगदड़ वाली जगह पर कीचड़ में सने सामान पड़े मिले।
भगदड़ वाली जगह पर कीचड़ में सने सामान पड़े मिले।

HighLights

  1. सिकंदराराऊ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शवों को देख मची चीत्कार
  2. हुए हादसे के बाद डिवाइडर पर रुके रहे अपनों को तलाशने लोग
  3. जिला अस्पताल तक भी तलाशने आए शवों को तमाम श्रद्धालुजन

जागरण संवाददाता, हाथरस। मंगलवार को सिकंदराराऊ के गांव फुलरई में भोले बाबा के सत्संग से लौट रही हजारों की भीड़ में भगदड़ के बाद हुई मौतों से हर किसी को झकझोर दिया। मरने वालों में वृद्ध और महिलाओं के अलावा बच्चों की संख्या सबसे अधिक बताई गई है। 

मची भगदड़ के बाद सैकडों लोग ऐसे जो अपने लोगों को घंटों तक तलाशते रहे। तलाशते हुए तमाम लोग जब सिकंदराराऊ के हॉस्पिटल आ गए तो चीत्कार शुरू हो गई। 

जिला अस्पताल तक भी तमाम लोग अपने अपने साधनों से आ गए और पोस्टमार्टम पर आकर पूछा कि यहां कोई शव तो नहीं आया है। मगर देर शाम तक कोई शव न आने की बात कही गई।

मंगलवार को मानव मंगल मिलन सद्भावना समिति की ओर से सत्संग का आयोजन सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव फुलरई में किया गया। भोले बाबा के सत्संग को लेकर कई दिन से फुलरई में साफ सफाई बाबा के भक्त कर रहे थे। 

सुबह आयोजन से पहले हजारों लोगों की भीड़ सत्संग में आ गईं। बाबा सत्संग के बाद अपनी लग्जरी गाड़ी से निकलने लगे तभी हजारों की भी उसी रास्ते से निकलने लगी। बाबा की गाड़ी को निकालने के लिए आयोजकों ने रास्ता रोक दिया इस कारण भगदड़ मच गई। 

हादसे के बाद जब लोगों की मौत मौके पर हो गई तो तमाम परिजन बेसुध होकर गिर गए। होश आने पर उन्होंने खुद को संभाला और अपनों को तलाशते नजर आए।

हादसे की सूचना पर कई एंबुलेंस मौके पर आ गईं और शवों को सिकंदराराऊ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां भी भारी संख्या में श्रद्धालुजन अपनों की तलाश में आ गए।

हजारों लोगों की भीड़ जब जीटी रोड पर आई तो वाहनों को जहां की तहां रोक दिया गया। इस कारण तमाम श्रद्धालु हाइवे पर आकर बैठ गए। ताकि भीड़ कहीं अपने मिल सकें।

यह भी पढ़ें: सामने आई हाथरस में भगदड़ की असल वजह, कथावाचक भोले बाबा का निकल रहा था काफिला, और फिर… अब तक 100 से अधिक मौत

यह भी पढ़ें: भोले बाबा के एस्कॉर्ट में शामिल होते हैं ये लोग, खाकी उतारकर पहन लेते हैं गुलाबी वर्दी, फिर करते हैं सेवा