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    पांच करोड़ से अधिक की मिठाई और पटाखों से मनाया दीपोत्सव

    By JagranEdited By:
    Updated: Sun, 07 Nov 2021 02:22 AM (IST)

    भैया दूज पर मिठाई की हर दुकान पर उमड़ी ग्राहकों की भीड़ ड्राइफ्रूट व चाकलेट के गिफ्ट पैक की भी जबरदस्त मांग दिखी।

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    पांच करोड़ से अधिक की मिठाई और पटाखों से मनाया दीपोत्सव

    जासं, हाथरस : पांच दिनी दीपोत्सव का पर्व पूरे उल्लास से मनाया गया। पूजा-पाठ और परंपराओं के निर्वहन के साथ ही मिठाई और आतिशबाजी का जमकर प्रयोग हुआ। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि आतिशबाजी और मिठाई का ही पांच करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ है। मिठाइयों के अलावा गिफ्ट पैक भी खूब बिके हैं।

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    हर साल की तरह इस बार भी दीपोत्सव शुरू होते ही बाजार में भीड़ उमड़ने लगी थी। धनतेरस के बाद दीपावली और गोवर्धन पर पटाखे चलाने की होड़ दिखी। तेज आवाज के साथ तरह-तरह की रोशनी बिखेरने वाले पटाखों की मांग रही। राकेट, मिसाइल, पैराशूट बम, अनार, पेंसिल, चटाई, चकई, सूतली बम के अलावा अन्य तरह के पटाखे पसंद किए गए। वहीं कुल्हड़ बम, कुल्हड़ अनार, देसी बम भी खूब चले। बाजार के अनुसार

    दीपावली और गोवर्धन पर दो करोड़ रुपये से अधिक की पटाखों की बिक्री हुई।

    मिठाई के बाजार में भीड़ के चलते खरीदार इंतजार करते देखे गए। नामचीन दुकानों से लेकर फुटपाथ पर सजी मिठाई की दुकानों पर भी अच्छी खासी भीड़ रही। देसी घी की मिठाई पांच सौ रुपये किलो से अधिक भाव तक बिकी। वनस्पति घी में बालूशाही, सोनपापड़ी, लड्डू व अन्य तरह की मिठाइयां 220 से 260 रुपये किलो तक में उपलब्ध रही।

    दीपावली की तरह भैया दूज वाले दिन भी मिठाई की मांग रही। बाजार के अनुमान के मुताबिक तीन करोड़ से अधिक का मिठाई का कारोबार हुआ है। चाकलेट व अन्य

    गिफ्ट पैक बिके

    बाजार में मिठाई के अलावा बच्चों में गिफ्ट पैक पसंद किए गए। इसमें नमकीन, चिप्स, बिस्कुट व चाकलेट के अलावा अन्य तरह के सामान की बिक्री हुई। बाजार में सौ रुपये में टोकरी में रखे खाने के सामान भी पंसद किए गए। सूखे मेवा के पैकेट बनाकर उनसे बनाए गए गिफ्ट पैक देकर दीपावली की खुशियां बांटी गईं। गोला और चीनी के

    खिलौने खूब बिके

    दीपावली के अलावा भैया दूज पर गोला (नारियल) की भी जमकर बिक्री हुई। त्योहार नजदीक आते ही गोले के दाम बढ़ गए थे। शुरुआती भाव 270 से लेकर आखिर में 300 रुपये किलो तक में मिले। वहीं खील व खिलौने भी 70-75 रुपये किलो तक में बिके। ------------------- आतिशबाजी ने 23 प्वाइंट

    बढ़ाया एक्यूआइ का पारा

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    ब्लर्ब --

    शुक्रवार की शाम तक 184 प्वाइंट रहा था एक्यूआइ, शनिवार की सुबह 207, प्रदूषण बढ़ने से ²श्यता पर भी पढ़ रहा है असर

    जासं, हाथरस : दीपावली के बाद गोवर्धन पर चले पटाखों से प्रदूषण बढ़ने से एयर क्वालिटी इंडेक्स 23 प्वाइंट बढ़ गया। इंटरनेट से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार शनिवार की सुबह वायु गुणवक्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 207 प्वाइंट पहुंच गया। जोकि सेहत के लिए अच्छा नहीं बताया जा रहा है। छोटी दीपावली से पहले एयर क्वालिटी इंडेक्स 120 प्वाइंट दर्ज किया गया था। गोवर्धन के दिन शाम के वक्त एयर क्वालिटी इंडेक्स 184 प्वाइंट दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से अधिक था। गोवर्धन पर शाम से लेकर देर रात तक चले पटाखों से प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। शनिवार की सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 207 प्वाइंट रिकार्ड किया गया। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक बताया जाता है।

    दीपावली से पहले हरियाणा और पंजाब में पराली जलने के कारण एनसीआर और आसपास के जिलों में एयर क्वालिटी इंडेक्स काफी बढ़ गया था। पटाखों से होने वाले प्रदूषण को देखते हुए अधिक आवाज व अधिक धुएं के पटाखे चलाने पर प्रतिबंध था। पटाखों में मुख्यत: सल्फर के तत्व मौजूद होते हैं।

    ग्रीन पटाखे कम चले

    बाजार में ग्रीन पटाखे उपलब्ध थे। कम आवाज व कम धुआं देने वाले पटाखों को चलाने की सलाह दी गई थी, लेकिन आतिशबाजी के शौकीन लोगों ने मनमानी से तेज आवाज और अधिक धुआं देने वाले पटाखे जमकर चलाए।