हिमांशु गुप्ता, हाथरस : बूलगढ़ी मामला नया मोड़ लेता जा रहा है। पुलिस इस मामले में उन सूत्रधारों को खोज रही है, जो उकसाने के काम करते रहे हैं। पुलिस को इनपुट मिला है कि भीम आर्मी के तीन लोग पीड़िता के घर रिश्तेदार बनकर रहे हैं। इनमें एक जबलपुर की युवती बताई गई है। दो अन्य कौन थे, इसके बारे में जानकारी की जा रही है। पुलिस की सख्ती के बाद ये लोग खिसक गए।

बूलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को घटना हुई, मगर, 19 सितंबर से राजनीतिक लोगों की आवाजाही शुरू हुई। 27 सितंबर को भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर, अलीगढ़ में भर्ती युवती का हाल जानने पहुंचे थे। उन्होंने अनुसूचित जाति के दमन का आरोप लगाया था। यहीं से भीम आर्मी के कार्यकर्ता युवती के स्वजन के संपर्क में आए। पीड़ित युवती की 29 सितंबर की सुबह करीब छह बजे सफदरजंग अस्पताल दिल्ली में मौत हो गई थी। सूचना पर भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर भी सफदरजंग अस्पताल पहुंचे थे। उनके साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने युवती की मौत के बाद हंगामा किया था और आरोपितों को फांसी की सजा की मांग करते हुए रात तक हंगामा जारी रखा था। उसी दिन रात को पीड़िता का शव गांव लाया गया और पुलिस ने रात में ही उसका अंतिम संस्कार करा दिया। तभी से युवती के स्वजन के साथ भीम आर्मी से जुड़ी एक युवती व दो पुरुष रह रहे थे। वे खुद को रिश्तेदार बता रहे थे। ये लोग भी मीडिया को बयान दे रहे थे, जिनके निशाने पर प्रशासन और सरकार ज्यादा रही।

इस तरह हुए चिह्नित :

भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर चार अक्टूबर को हाथरस आए थे। उन्होंने पीड़ित परिवार की सुरक्षा और डर से पलायन का मुद्दा उठाया था। इसके बाद से ही पुलिस-प्रशासन ने परिवार के हरेक सदस्य को सुरक्षाकर्मी देने की रणनीति बनाई। परिवार में कौन-कौन हैं? इसका पता लगाया गया। इससे परिवार में रिश्तेदार बनकर रह रहे लोग चितित हो गए। युवती मंगलवार को घर से चली गई। उसके साथ दो और लोगों के भी जाने की बात सामने आई है। एक अधिकारी ने बताया कि युवती को लेने मध्य प्रदेश के नंबर की बाइकें आई थीं। यह नंबर जबलपुर का लग रहा है। इतनी दूर के नंबर की बाइक यहां आने की बात शंका पैदा कर रही है।

स्वजन का इन्कार :

स्वजन किसी दल के लोगों के उनके साथ रहने की बात से इन्कार कर रहे हैं। मृतका के पिता के मुताबिक भीम आर्मी या किसी अन्य दल का व्यक्ति उनके साथ नहीं रहा। कुछ लोग समाज के थे, इसलिए साथ रहे।

इनका कहना है

भीम आर्मी के लोग जब पीड़िता से मिलने आए थे, तो एक युवती को यहां छोड़ गए थे, यह जानकारी खुफिया तंत्र से मिली थी। वह बार-बार मीडिया के सामने परिवार की सुरक्षा और पलायन की बात कह रही थी। जब उनसे जानकारी की गई कि 'कौन हैं और कहां से आई हैं तो वह वह कुछ बता नहीं सकी। अब वह चली गई है।' एक-दो और लोगों के पहले भी स्वजन के साथ रहने की जानकारी मिली है।

-विनीत जायसवाल, एसपी हाथरस

इन पहलुओं पर भी चल रही जांच

-इस मामले में जातीय संघर्ष कराने की साजिश की जानकारी खुफिया तंत्र को मिली है। एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसमें 50 लाख रुपये दिलाने का दबाव सरकार पर बनाने की बात दो शख्स कर रहे हैं। पुलिस ने इसको लेकर अज्ञात के खिलाफ राष्ट्रद्रोह समेत 20 संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसकी जांच चल रही है।

-युवती ने बार-बार अपने बयान बदले थे। युवती के आक्सीजन लगा हुआ वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने सामूहिक दुष्कर्म होने की बात कही थी। यह वीडियो मेडिकल कॉलेज का बताया गया है। सवाल यह खड़ा हो रहा है कि यह वीडियो किसने बनाई थी? इससे पीड़िता की पहचान भी उजागर हुई है।

-अधिकारियों के अनुसार सीएम से वार्ता के बाद पिता ने संतुष्टि जाहिर करते हुए अपील की थी कि संगठन प्रदर्शन न करें। पिता की अपील के वीडियो होने का दावा भी अधिकारियों ने किया था। इसके कुछ देर बाद पिता का अन्य वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पिता ने प्रशासन द्वारा जबरन दबाव डालकर वीडियो बनाए जाने की बात कही है। उस वीडियो को शूट करने वाला व्यक्ति पीड़िता के पिता से कुछ बातें बुलवाने के लिए कानाफूसी भी कर रहा है।

-डीएम से स्वजन की वार्ता का वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें स्वजन को धमकाने का आरोप लगाया गया। यह वीडियो किसने शूट किया? यह वीडियो रिश्तेदार बनकर रह रहे शख्स द्वारा शूट करने की बात सामने आ रही है। इसकी जांच जारी है।

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