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    एक तरफ मची थी चीख पुकार… तो दूसरी तरफ भक्ति में मत्था टेकते रहे लोग, हाथरस में झकझोर देने वाले हादसे पर आस्था भारी

    Hathras Stampede Update बाबा के सत्संग में मची भगदड़ के बाद अब तक 121 महिलाओं पुरुष और बच्चों की मौत हो चुकी है। हाथरस के सिकंदराराऊ में सत्संग के बाद मची भगदड़ में मारे गए लोगों की लाश रखने की जगह कम पड़ गई। हर तरफ लोगों की भीड़ से चीखने की आवाज आ रही थीं। घटना पर मुख्‍यमंत्री योगी ने तुरंत संज्ञान ल‍िया और आज वे खुद हाथरस पहुंचे।

    By Jagran News Edited By: Riya Pandey Updated: Wed, 03 Jul 2024 04:28 PM (IST)
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    एक ओर बिछी लाशें तो दूसरी ओर मत्था टेक रहे थे श्रद्धालु

    जागरण संवाददाता, हाथरस। Hathras Satsang Stempede News: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में सत्संग के दौरान मची भगदड़ की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। ब्रज के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले जनपद में बीते मंगलवार (2 जुलाई) को नारायण साकार विश्व हरि यानी भोले बाबा के सत्संग के बाद भगदड़ मच गई, जिसमें 121 श्रद्धालुओं ने अपनी जान गंवा दी।

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    वहीं बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। जहां एक ओर मौत का यह भयावह मंजर था वहीं दूसरी ओर इन सब से परे भक्ति में लीन लोग बाबा के दर पर मत्था टेकते नजर आए। 

    सत्संग के पंडाव में दो लाख से अधिक की थी भीड़

    जानकारी के अनुसार, हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे के पास एटा रोड पर स्थित गांव फुलरई में भोले बाबा के सत्संग का आयोजन था। सत्संग के पंडाल में दो लाख से अधिक की भीड़ थी। श्री नारायण साकार हरि (भोले बाबा) लगभग दोपहर 12.30 बजे पांडाल में पहुंचे और एक घंटे तक कार्यक्रम चला।

    बाबा के चरण रज को माथे लगाने के लिए मची भगदड़

    दोपहर करीब 1.40 बजे बाबा का काफिला पंडाल से निकलकर NH-91 (जीटी रोड) पर एटा की ओर जाने के लिए बढ़ रहा था। जिस रास्ते से भोले बाबा निकल रहे थे उस रास्ते की और सत्संगी महिला पुरुष दर्शन व चरण स्पर्श एवं आशीर्वाद के लिए चरण रज को माथे पर लगाने लगे।

    रोड के किनारे और बीच में बने डिवाइडर पर काफी अधिक संख्या में दर्शन के लिए पहले से लोग खड़े थे। यह लोग डिवाइडर से कूदकर बाबा के दर्शनार्थ वाहन की और दौड़ने लगे। बाबा के साथ उनके निजी सुरक्षाकर्मी (ब्लैक कमाडों) और सेवादारों ने बाबा के पास जाने से रोका तो धक्का−मुक्की शुरू कर दी गई, जिससे कुछ लोग नीचे गिर गए। तब भी भीड़ नहीं मानी और अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।

    एक-दूसरे को रौंदते निकल गए लोग

    भीड़ से बचने के लिए लोग कार्यक्रम स्थल के सामने सड़क की दूसरी ओर खुले खेत की ओर भागे, जहां सड़क से खेत की ओर उतरने के दौरान ज्यादातर लोग फिसल कर गिरे तो भगदड़ मच गई और लोग एक-दूसरे को रौंदकर निकलते रहे। जिस कारण कई महिलाएं, पुरुष व बच्चे घायल हो गए।

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