कार्यालय संवाददाता, हाथरस : आज के युग में सौ वर्ष से अधिक आयु के लोगों का मिलना हैरतअंगेज माना जाता है। ऐसे में किसी व्यक्ति की उम्र 175 वर्ष बताई जाए तो सहज ही भरोसा नहीं होता, मगर रविवार को वृंदावन से हाथरस अपने शिष्य के यहां आये एक संत को देखने के लिए इसलिये लोगों की भीड़ लग गई, क्योंकि उनके शिष्यों का दावा था कि उनकी उम्र 175 वर्ष है।

रविवार की सुबह रुई की मंडी स्थिति मंदिर श्री कन्हैया जी महाराज पर उस समय लोगों की भीड़ जुट गई जब वृंदावन के संत हनुमान दास ब्रह्माचारी जी यहां पहुंचे। लोगों का कहना था कि उनकी आयु 175 वर्ष है। बस इसलिए उनके दर्शन मात्र के लिए लोग उमड़ पड़े। उनके शिष्य गुड्डू् दास ने दावा किया कि उनके गुरू की आयु 175 वर्ष है। उन्होंने यह भी बताया कि 12 वर्ष की आयु में हनुमान दास जी उत्तराखंड से वृंदावन आ गये थे और तभी से यहीं ब्रज भूमि में रम कर रह गए। गुड्डू दास ने बताया कि वृंदावन गोपालखार परिक्रमा मार्ग स्थित गऊशाला इन्हीं के निर्देशन में चल रही है।

संत हनुमान दास जी यहां अपने शिष्य के पास उपचार के लिये आये थे। आगरा रोड पर इनका शिष्य चिकित्सक है। रविवार की सुबह हनुमान दास जी के शिष्य विजयपाल उन्हें अपने रूई की मंडी स्थित आवास पर लेकर आये।

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