300 नौनिहालों को पढ़ा रहा अनुचर
कछौना ब्लाक में बचों की प्राथमिक शिक्षा रामभरोसे -दो विद्यालयों में अध्यापक ही नहीं चार में एक शिक्षक के कंधों पर सभी बच्चों की जिम्मेदारी

कछौना(हरदोई): ब्लाक के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर सी गई है। दो विद्यालयों में एक भी अध्यापक नहीं हैं तो चार में एक-एक शिक्षक तीन सौ से अधिक बच्चों का भविष्य सुधारने की अकेले जंग लड़ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर अध्यापक विहीन विद्यालयों में ताला न पड़े, ऐसे में अनुचर नौनिहालों को ककहरा पढ़ा रहे हैं। ऐसे में कैसे नौनिहाल निपुण होंगे, यह सवाल खड़ा हो रहा है।
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक ब्लाक के दो परिषदीय विद्यालय विद्यालय अध्यापक विहीन हैं तो चार विद्यालयों में सिर्फ एक-एक शिक्षक नौनिहालों की शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ा रहे हैं। यानी कई विद्यालय ऐसे हैं जहां एक शिक्षक तीन सौ छात्रों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठा रहा है। ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय कटियामऊ व पुरवा में कोई शिक्षक नहीं है। स्कूल बंद न हो जाएं और यहां ताला न पड़े, इसको लेकर अनुचर आगे आएं हैं और स्कूल चला रहे हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय कटियामऊ व उच्च प्राथमिक विद्यालय पुरवा शिक्षक विहीन हैं तो वहीं एकल में शामिल उच्च प्राथमिक विद्यालय हथौड़ा में शिक्षिका सुनीता सिंह के लंबे अवकाश पर जाने के कारण यहां भी कोई शिक्षक नहीं है। ऐसी दशा में विद्यालय का संचालन स्कूल का अनुचर राकेश कर रहा है और वही बच्चों को ककहरा पढ़ा रहा है। उच्च प्राथमिक विद्यालय बालामऊ प्रथम, प्राथमिक विद्यालय सुजानपुर व प्राथमिक विद्यालय वाण भी एक एकल स्कूल हैं। जहां पर बड़ी संख्या में मौजूद बच्चों को संभाल पाना एक शिक्षक के बस की बात नहीं है। इन विद्यालयों की स्थिति को देखकर वहां के अभिभावकों का भी एक बार फिर से सरकारी स्कूलों के प्रति मोह भंग सा होने लगा है। इंसेट
संबद्धीकरण के बाद स्थिति बदली
खंड शिक्षा अधिकारी शशांक सिंह का कहना है कि संबद्धीकरण बिल्कुल समाप्त कर दिया गया है जिसके कारण समस्या आ रहा है। उच्च अधिकारियों के संज्ञान में यहां के हालात लाए गए हैं।
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