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हरदोई, निज प्रतिनिधि : जिला मुख्यालय को सवायजपुर तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। यह हाल तब है जबकि इस सड़क की दशा सुधारने के लिए पिछले कुछ माह में ही चार करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जा चुकी है। अब बजट की कमी से मार्ग की मरम्मत का कार्य बंद हो गया है।

बताते चलें कि हरदोई-सवायजपुर मार्ग की कुल लंबाई 32 किलोमीटर है। इस मार्ग पर बावन, जगदीशपुर, लोनार जैसे अहम कस्बे भी पड़ते हैं। जिला मुख्यालय को यही मार्ग फर्रूखाबाद जनपद से जोड़ता है। ऐसे में इस मार्ग पर आवागमन भी अधिक रहता है। यह सड़क पिछले कई महीनों से अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही थी। गत वर्ष अक्टूबर में क्षेत्रीय विधायक नितिन अग्रवाल के प्रयासों से इस मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए भेजा गया प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया था। प्रस्ताव के मुताबिक आधे मार्ग यानी 16 किलोमीटर लंबी सड़क की वृहद स्तर पर मरम्मत कराई जानी थी और इसके लिए 19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।

चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाने के कारण विभाग को चार करोड़ रुपये ही मिल पाए। इस धन से मार्ग के सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू कराया गया, लेकिन हालात सुधरने के बजाय बिगड़ गए। 16 किलोमीटर लंबी सड़क में से ज्यादातर हिस्सा उखाड़ दिया गया और पत्थर बिछा दिए गए, लेकिन इसके बाद विभाग को बजट नहीं मिला और अब हालात पहले से भी ज्यादा खराब हो चुके हैं।

विभागीय नोडल अधिकारी जेपी तिवारी की मानें तो बजट के अभाव में ही कार्य बंद है। शासन स्तर पर धन अवमुक्त कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

आखिर कहां हुई चूक

चार करोड़ रुपये से पूरी नहीं, लेकिन लगभग आठ किलो मीटर सड़क की दशा तो बदल ही सकती थी। चूक यह हुई कि विभागीय अभियंताओं ने एक साथ कार्य कराने के चक्कर में पूरी सड़क खुदवा दी, अगर एक-एक किलो मीटर खोदते और बनाते रहते तो न तो राहगीरों को दिक्कत होती और न ही विभाग को।

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