हापुड़: रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों की अब खैर नहीं, हादसों को रोकने के लिए सख्त अभियान चलाएगी पुलिस
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर लोग समय बचाने के चक्कर में गलत दिशा में वाहन चलाकर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।

दिल्ली-लखनऊ हाईवे का ये मंजर उड़ा देगा होश।
HighLights
दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर लोग समय बचाने को गलत दिशा में वाहन चलाते हैं।
जागरूकता के बावजूद, यह लापरवाही राहगीरों की जान जोखिम में डाल रही है।
सरुरपुर से अल्लाबक्शपुर के बीच सर्वाधिक रांग साइड दुर्घटनाएं होती हैं।
संवाद सहयोगी, हापुड़ (गढ़मुक्तेश्वर)। पुलिस प्रशासन के अधिकारी लोगों को जागरूक करने के लिए कितने ही प्रयास कर ले, लेकिन कुछ लोग अपनी हठधर्मिता एवं थोड़े से फेर से बचने के लिए अपनी एवं दूसरे राहगीरों की जान जोखिम में डालकर रॉन्ग साइड दौड़ते हैं। बृहस्पतिवार को भी सरुरपुर गांव के सामने इसी तरह की एक घटना हुई।
दिल्ली लखनऊ हाईवे पर प्रतिमिनट 60 से 70 वाहनों का आवागमन होता है। डिवाईडर एवं उस पर लगी स्टील की बैरिकेड होने से यहां दूसरी साइड से आने वाले वाहनों से बचने के संपूर्ण साधन है। ऐसे मूें वाहलों की गति काफी तेज रहती है।
रॉन्ग साइड वाहन दौड़ा रहे लोग
हाईवे के दूसरी तरफ जाने के लिए लोगों को अंडरपास के नीचे से रास्ता बनाया हुआ है। बावजूद इसके लोग थोड़े से फेर से बचने के लिए रॉन्ग साइड वाहनों को दौड़ा देते हैं। इसमें कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। इसमें सबसे अधिक दुर्घटना सरुरपुर से अल्लाबक्शपुर गांव के बीच होती हैं।
लोगों का कहना है कि रॉन्ग साइड दौड़ने वाले वाहन चालकों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आए दिन यहां इस तरह की घटना घटित हो रही हैं, जिसमें कई बार लोगों की जान तक चली गई।
'पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चलाती है। समय- समय पर कार्रवाई भी की जाती हैं। बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।'
- राहुल यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी
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