यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Hapur lathi charge: अधिवक्ताओं ने मुख्य सचिव व डीजीपी का पुतला फूंककर जाहिर किया आक्रोश, कामकाज रहा प्रभावित
पुलिस-अधिवक्ता विवाद सुलझता नहीं दिख रहा है। प्रदेशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर मंगलवार को भी जिले की तीनों तहसील क्षेत्रों ...और पढ़ें

जागरण टीम, हापुड़। पुलिस-अधिवक्ता विवाद सुलझता नहीं दिख रहा है। प्रदेशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर मंगलवार को भी जिले की तीनों तहसील क्षेत्रों में अधिवक्ता कचहरी में धरने पर बैठे। मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश व पुलिस महानिदेशक का पुतला फूंककर अधिवक्ताओं ने आक्रोश जाहिर किया।
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस अलर्ट रही। अधिवक्ताओं की मांग है कि एसपी व डीएम का तत्काल स्थानांतरण व लाठीचार्ज प्रकरण में शामिल अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। उधर, उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के पदाधिकारियों ने आठ सितंबर तक हड़ताल जारी रखने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ऐनुल हक व सचिव नरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में मंगलवार को सुबह अधिवक्ता कचहरी के गेट पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के उपाध्यक्ष अनुराग पाडेय ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि न्याय मिलने तक लड़ाई को खत्म नहीं किया जाएगा।
देश के कौने-कौने से अधिवक्ता अंदोलन का सहयोग कर रहे हैं। अधवक्ता एकजुट होकर किसी भी आंदोलन को लड़ने के लिए तैयार हैं। धरने के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबारी की। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने पहले मुख्य सचिव और डीजीपी के पुतलों को हाथ में उठाकर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। बाद में कचहरी प्रांगण में पुतला दहन कर आक्रोश जाहिर किया।

गढ़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं में दिखा आक्रोश
लाठीचार्ज की घटना को लेकर गढ़ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों में भी आक्रोश देखने को मिला। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमपाल मावी, खालिद चौधरी, सचिन हिमांशु त्यागी और दीपक कुमार के नेतृत्व में कचहरी परिसर के बाहर एकत्र हुए और पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
इस दौरान प्रदेश के डीजीपी और मुख्य सचिव के पतले फूंकते हुए अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया की हापुड़ में निहत्थे वकीलों पर लाठी चार्ज करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। इसके उपरांत बुरी तरह नाराज अधिवक्ताओं ने तहसील मुख्यालय और कचहरी मे चल रहे सभी प्रकार के कामकाज को पूरी तरह ठप करा दिया। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष सुबोध त्यागी, सीएस यादव, अमरपाल सिंह, नरेश गिल, सतेंद्र चौधरी, बलराज त्यागी, नरेंद्र गुप्ता, वीरेंद्र अग्रवाल, समेत अधिवक्ता मौजूद रहे।
लाठीचार्ज की घटना के बाद से आक्रोशित हैं अधिवक्ता
तहसील में अधिवक्ताओं ने पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव का पुतला दहन करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए। धौलाना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने बताया कि प्रशासन की दमनकारी नीतियों के विरोध में बीते पांच दिनों से अधिवक्ता लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बार काउंसिल उत्तर प्रदेश से लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन तक अधिवक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए पत्र लिख चुके है।
बावजूद इसके अभी तक प्रशासन की तरफ से दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जो हठ धर्मिता को दर्शाता है। जब तक अधिवक्ताओं की मांगे पूरी करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी तब तक आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। इस दौरान अभिषेक तोमर , राजेश , खीमचंद, अमित, सौरभ तोमर ,लोकेश कुमार समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
