विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सिंभावली चीनी मिल के किसानों को बड़ी राहत, दूसरे मिलों को क्रय केंद्र मिलने से जगी समय पर भुगतान की उम्मीद

Published: Fri, 30 Oct 2026 07:24 PM (IST)

सिंभावली चीनी मिल के क्रय केंद्रों को अन्य मिलों को आवंटित करने से किसानों को गन्ना भुगतान में सुधार की ...और पढ़ें

सिंभावली चीनी मिल के किसानों के लिए खुशखबरी

सिंभावली चीनी मिल के किसानों के लिए खुशखबरी

HighLights

  1. सिंभावली मिल के क्रय केंद्र अन्य मिलों को आवंटित।

  2. किसानों को गन्ना भुगतान में सुधार की उम्मीद जगी।

  3. शेष क्रय केंद्रों को भी आवंटित करने की मांग।

संवाद सहयोगी, सिंभावली। चीनी मिल की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए उसके क्रय केंद्रों को दूसरे जिलों की चीनी मिलों को आवंटित होने पर किसानों को गन्ना भुगतान में सुधार की उम्मीद जगी है। गन्ना विभाग के इस कदम की सराहना करते हुए किसान खुश दिखाई दे रहे हैं।

वहीं, शेष छह क्रय केंदों को भी किसान दूसरी चीनी मिलों को देने की मांग उठा रहे हैं। इसको लेकर भाकियू के पदाधिकारी ने गन्ना प्रमुख सचिव लखनऊ को ज्ञापन भी सौंपा है। साल 2012-13 से पहले पश्चिमी उत्तरप्रदेश की जानी-मानी गन्ना फैक्ट्री होती थी, वर्तमान में बंद होने की कगार पर है।

चीनी मिल के शेष क्रय केंद्र

सिंभावली चीनी मिल पर गेट द्वार,गन्दूनगला/नगलाबढ,दत्तियाना,दरियापुर/कुराना, ढाना,खैय्या,माधापुर प्रथम बचे हैं। जिसमें क्षेत्रफल 7848 हेक्टेयर और गन्ना उत्पादन 66.47 लाख कुंतल और करीब सात हजार किसान बचा है। चीनी मिल की पेराई क्षमता के अनुसार आधा रह गया। इस स्थिति में मिल को चलाने का निर्णय प्रबंधन नहीं ले पा रहा है।

बोले किसान

भुगतान समय पर नहीं मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। किसान हित में गन्ना प्रमुख सचिव को ज्ञापन दिया है। सिंभावली चीनी मिल के शेष क्रय केंदों को समय पर भुगतान करने वाली चीनी मिलों को आवंटित की मांग उठाई है।
-पवन हूण, जिलाध्यक्ष भाकियू (अ)

शासन-प्रशासन जो भी फैसला ले किसान हित में ले, क्योंकि किसान पहले से ही काफी परेशान है।गन्ना विभाग ने सिंभावली के क्रय केंदों को दूसरी चीनी मिलों को देने का फैसला सराहनीय है। गेट द्वार और अन्य केंदों के बारे में भी विचार करने की आवश्यकता है।
-अमित प्रधान,भाकियू नेता

गन्ना किसानों की समस्या को देखते हुए विभाग ने विगत वर्षों में 154 क्रय केंदों को दूसरी चीनी मिलों को आवंटित कर दिए गए हैं। आगे भी किसानों की कुछ मांगों पर विचार किया जा रहा है।समिति केवल किसान हित में काम करेगी।
-राकेश पटेल, गन्ना समिति सचिव

यह भी पढ़ें- कर्ज में डूबा सिंभावली ग्रुप, बिकने जा रहीं यूपी की 3 बड़ी चीनी मिलें; 5 नवंबर को लगेगी बोली

यह भी पढ़ें- बिना कर्ज लिए ही दिवालिया होने की कगार पर 20 हजार किसान, क्या है सिंभावली शुगर मिल का पूरा मामला?


देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।