सूखे व गीले कचरे के लिए अलग-अलग कूड़ेदान
जागरण संवाददाता, हापुड़ : नगर में रहने वाले परिवारों को सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग कूड़ेदान में र
जागरण संवाददाता, हापुड़ :
नगर में रहने वाले परिवारों को सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग कूड़ेदान में रखना होगा। गीले कचरा के लिए कूड़ेदान का रंग हरा होगा तो सूखे कूड़े के लिए नीले रंग का कूड़ेदान रखा जाएगा। नगर को साफ-सुथरा रखने के लिए यह नगर पालिका की एक अनूठी पहल होगी। इसके लिए पालिका कुछ लोगों को अमृत योजना के तहत डस्टबिन भी वितरित करेगी।
शहर के लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के मकसद से अमृत योजना चलाई जा रही है। जिसमें पार्कों का निर्माण, पेयजल, सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम चल रहा है तो बिजली की बचत के लिए भी अधिकारी काम कर रहे हैं। परंतु अब प्रत्येक परिवार को हरे व नीले कूड़ेदान में कचरा रखना होगा। प्लास्टिक, कांच, पन्नी आदि कचरा नीले कूड़ादान में तो भोजन, सब्जी, फल के छिलके हरे कूड़ेदान में डलवाएं जाएंगे। जिससे लोगों को इनमें अंतर समझ आ सके और लोग खाने पीने की चीजों को बर्बाद ना करें। क्योंकि खाने पीने की चीजों में प्लास्टिक, कांच आदि मिल जाता है और फिर पशु इन्हें भी खा लेते हैं। इसलिए इन वस्तुओं से बचाव जरूरी है। इस अभियान में कोई दिक्कत ना आए, इसके लिए पालिका कुछ परिवारों को कूड़ेदान उपलब्ध कराएगी। इससे लिए अधिकारी भारत सरकार को पत्र भी लिखने जा रहे हैं।
वहीं, पालिका अधिकारियों का मानना है कि लोगों को अभी से ही इस ओर जागरूक करना होगा। इसलिए उपलब्ध स्त्रोत पर ही कूड़े को पृथक करने का प्रारंभिक प्रयास किया जा रहा है। क्योंकि अभी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना नहीं हो पायी है, ऐसे में लोगों को कूड़े के महत्व और इसकी उपयोगिता को समझाना बेहद जरूरी है।
कूड़े को भी हम किस प्रकार इस्तेमाल कर सकते हैं, यह लोगों को बताना होगा। लोगों को जागरूक करने के लिए नगर पालिका सभी कदम उठाएगी।
संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी
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