कानपुर-बांदा रेल मार्ग पर अंडरपास में जलभराव, हमीरपुर के 6 गांवों का टूटा संपर्क
कानपुर-बांदा रेल मार्ग पर इंगोहटा के पास भारी बारिश से अंडरब्रिजों में गंभीर जलभराव हो गया है, जिससे कई गांवों ...और पढ़ें

HighLights
अंडरब्रिज में कई फीट पानी भरने से आवागमन बाधित
पुरानी जल निकासी व्यवस्था बाधित होने से जलभराव
रबी की बुवाई पर मंडराया संकट, किसान चिंतित
संवाद सूत्र, इंगोहटा(हमीरपुर)। कानपुर-बांदा रेल मार्ग पर इंगोहटा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दो दिन पूर्व हुई मूसलाधार वर्षा के बाद जलभराव की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। रेलवे ट्रैक के नीचे बने अंडरब्रिज इस समय रास्ते के बजाय जलभराव के बड़े केंद्र बन गए हैं। गांव के समीप गेट संख्या 26 पर स्थित चालू अंडरब्रिज और गेट संख्या 25 पर निर्माणाधीन अंडरब्रिज दोनों कई फीट पानी में डूबे हुए हैं।
दोनों अंडरब्रिज में पानी भरने से इंगोहटा से खेत-खलिहानों की ओर जाने वाले रास्ते बंद हो गए हैं। वहीं, अरतरा समेत आसपास के गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग भी बाधित हो गए हैं। पानी की गहराई इतनी अधिक है कि पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहनों और मवेशियों का निकलना तक संभव नहीं है। ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है।
पुरानी जल निकासी व्यवस्था बंद होने का आरोप
ग्रामीणों ने जलभराव के पीछे क्षेत्र में पानी की पुरानी निकासी व्यवस्था बाधित होने को प्रमुख कारण बताया है। उनका कहना है कि पहले भारी बारिश के दौरान खेतों का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे प्राकृतिक ढलान से होकर नाले में चला जाता था। लेकिन क्षेत्र में जेके सीमेंट फैक्ट्री की स्थापना और निर्माण कार्य के बाद पानी की पुरानी निकासी व्यवस्था प्रभावित हो गई। ग्रामीणों के अनुसार अब आसपास के बड़े भू-भाग और सैकड़ों बीघा खेतों का पानी रेलवे लाइन के दूसरी ओर स्थित नाले तक पहुंचने के लिए इन्हीं अंडरब्रिजों से होकर निकल रहा है। इसके चलते अंडरब्रिज जल निकासी के प्रमुख मार्ग बन गए हैं और यहां बड़े पैमाने पर पानी जमा हो गया है।
रबी की बुवाई पर भी मंडराया संकट
किसानों की चिंता अब केवल खरीफ की फसल के नुकसान तक सीमित नहीं है। खेतों में लंबे समय तक पानी भरे रहने से आगामी रबी सीजन की बुवाई भी प्रभावित होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि पानी निकासी की गति धीमी रही तो खेतों को सूखने और बुवाई योग्य होने में काफी समय लग सकता है। यदि समय रहते खेतों में पर्याप्त नमी की स्थिति नहीं बनी और जमीन बुवाई के लिए तैयार नहीं हुई तो गेहूं, चना, मटर और सरसों जैसी प्रमुख रबी फसलों की बुवाई में देरी हो सकती है। खरीफ की फसल को पहले ही भारी नुकसान हो चुका है। ऐसे में रबी की बुवाई प्रभावित होने की आशंका किसानों के लिए दोहरी चिंता का कारण बनी हुई है।
पंप लगाकर पानी निकालने की मांग
जलभराव से परेशान ग्रामीणों और किसानों ने शासन-प्रशासन तथा रेलवे अधिकारियों से तत्काल अंडरब्रिजों में पंप सेट लगाकर पानी निकालने की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। इसके लिए क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था का स्थायी समाधान कराने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जलभराव का असर खेती और ग्रामीण आवागमन दोनों पर लंबे समय तक पड़ सकता है।
