Hamirpur News: मदरसे में चल रहा था पब्लिक स्कूल के बच्चों का नाम, मान्यता खत्म करने के लिए रजिस्ट्रार को लिखा पत्र
हमीरपुर में एमएस पब्लिक स्कूल के बच्चों का नाम मदरसे में दर्ज कर फर्जी मदरसा चलाने की शिकायत मिली। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की जांच में मामला सही पाए जाने पर मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार को मान्यता रद्द करने और पोर्टल से हटाने के लिए पत्र लिखा गया है। जांच में पाया गया कि मदरसा किसी और बिल्डिंग में चल रहा है।

जागरण संवाददाता, हमीरपुर। पब्लिक स्कूल के बच्चों का नाम मदरसे में दर्ज कर फर्जी मदरसा संचालित होने की शिकायत मिलने के बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के द्वारा की गई जांच के बाद मामला सही मिलने पर अधिकारी ने मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार को फर्जी मदरसे की मान्यता खत्म करने व पोर्टल से हटाने के लिए पत्र लिखा है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ने रजिस्ट्रार को लिखे गए पत्र में बताया कि शहर के गौरा देवी मुहल्ले में कक्षा 1 से कक्षा 5 तक संचालित मदरसे एमएस पब्लिक स्कूल की जांच के दौरान उक्त पते पर मदरसे का संचालन होता नही मिला।
पता करने पर पाया गया कि पिछले कई वर्षों से कोई भी मदरसा नही चल रहा है। उक्त मदरसा कालपी चौराहा के पास किसी दूसरी बिल्डिंग में संचालित किया जा रहा है। मदरसे का पता परिवर्तन की सूचना कार्यालय को नही दी गई। इनके द्वारा वित्तीय वर्ष 2013-14 में कक्षा 1 से कक्षा 5 तक की मान्यता प्राप्त की गई।
तब से आज तक इनके द्वारा मदरसा के लिए भवन का निर्माण नहीं कराया गया, जो कि नियम का घोर उल्लंघन है। मदरसा एमएस पब्लिक स्कूल सोसाइटी का नवीनीकरण 20 फरवरी 2025 को समाप्त हो गया है। इनके द्वारा पुनः नवीनीकरण नहीं कराया गया।
इनके द्वारा आज तक किसी भी प्रकार का कोई ऑडिट लेखा परीक्षण नहीं कराया गया है। जो कि नियम विरूद्ध है। मदरसा एमएस पब्लिक स्कूल में जो छात्र-छात्राएं पंजीकृत दिखाए गए हैं वह सभी छात्र-छात्राएं हीरा पब्लिक स्कूल कालपी चौराह सैय्यदबाड़ा हमीरपुर में पंजीकृत है।
प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगने पर उनके द्वारा स्पष्टीकरण मे मदरसा एमएस पब्लिक स्कूल का लगातार स्थान परिवर्तित करने एवं स्थायी इमारत में मदरसा न चलाए जाने का कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। इस लापरवाही व नियम विरुद्ध मदरसा संचालित किए जाने पर इसकी मान्यता खत्म कर उक्त मदरसे को पोर्टल से हटाया जाना प्रस्तावित है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि शिकायत के आधार पर की गई जांच में मामला फर्जी मिलने पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
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