विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

GST पंजीयन यूपी में और माल की डिलीवरी कहीं और... महाराष्ट्र के व्यापारी पर 76.62 लाख राजस्व चोरी की FIR

Published: Fri, 17 Oct 2025 08:37 AM (IST)

हमीरपुर के मौदहा में महाराष्ट्र के एक व्यापारी ने जुबैर इंटरप्राइजेज नाम से फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी पंजीयन कराया और ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. महाराष्ट्र के व्यापारी पर जीएसटी चोरी का आरोप

  2. हमीरपुर में 76.62 लाख की राजस्व चोरी

  3. फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी पंजीयन कराया

जागरण संवाददाता, हमीरपुर। महाराष्ट्र के व्यापारी ने जनपद के मौदहा कस्बे में जुबैर इंटरप्राइजेज नाम से व्यावसायिक फर्म संचालन दिखाकर जीएसटी का पंजीयन कराने के बाद माह मार्च में चार दिनों में करीब 4.25 करोड़ के फर्नीचर, प्लाईबोर्ड की खरीद करके करीब 76.62 लाख रुपये की राजस्व चोरी की है।

जांच में खुलासा होने के बाद सुमित कुमार राज्य कर अधिकारी विशेष अनुसंधान शाखा बांदा ने उक्त फर्म के संचालक जुबैर इदरीश के खिलाफ मौदहा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।

राज्य कर अधिकारी विशेष अनुसंधान शाखा बांदा सुमित कुमार ने मौदहा कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि जुबैर इदरीश नाम के युवक ने मौदहा के तहसील रोड के पते पर जुबेर इंटरप्राइजेज नाम की फर्म का जनवरी 2025 में जीएसटी विभाग में पंजीयन कराया था। पंजीयन कराने के बाद माह जनवरी व फरवरी में खरीद बिक्री नहीं की गई।

उसके पश्चात माह मार्च में चार दिन में ही ई-वे बिल के माध्यम से मुंबई की फर्म के जीएसटी नंबर से 4.25 करोड़ के फर्नीचर व प्लाईबोर्ड की खरीद की गई। साथ ही मार्च के जीएसटीआर-3बी में 76.62 लाख की आईटीसी क्लेम की गई। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर उपलब्ध पंजीयन संबंधी डाटा के अनुसार फर्म स्वामी जुबैर इदरीश के निवास का असली पता महाराष्ट्र का है।

महाराष्ट्र के किसी व्यक्ति के द्वारा मौदहा में आकर पंजीयन प्राप्त करने के पश्चात मात्र चार दिन में 4.25 करोड़ की खरीद किया जाना संदिग्ध दिखा। राज्य कर अधिकारी ने बताया कि इनवर्ड आपूर्ति ई-वे बिल में उपलब्ध सूचना के अनुसार माल की डिलीवरी का पता खालापुर महाराष्ट्र घोषित किया गया है। जबकि उक्त फर्म के द्वारा मुख्य व्यापार स्थल का पता मौदहा घोषित है। उन्होंने बताया कि 15 मई को जांच में घोषित पते पर जुबैर इदरीश की फर्म भौतिक रूप से नहीं मिली।

फर्म का कोई बोर्ड भी लगा नहीं पाया गया। कोई व्यापारिक गतिविधि भी नहीं मिली व व्यापारिक वस्तुओं का कोई स्टाक भी नहीं पाया गया। घोषित मुख्य व्यापार स्थल अभी निर्माणाधीन है। जुबैर इदरीश से जब फोन से संपर्क किया गया तो उन्होंने गुमराह करने की कोशिश की।

जांच में भी सहयोग नहीं किया, जिसके चलते 19 जुलाई को उक्त फर्म का पंजीयन निरस्त कराया गया। उन्होंने बताया कि जुबैर इदरीश के द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 4.25 करोड़ की खरीद किया जाना व वित्तीय वर्ष 2024-25 में शून्य बिक्री किया जाना घोषित किया गया है। समन जारी करने के बावजूद उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है।

उन्होंने बताया कि इस फर्म द्वारा कुल मिलाकर 76.62 लाख की आईटीसी क्लेम एवं उपयोग करते हुए राजस्व की हानि की गई है। फर्म द्वारा बिना किसी माल की इनवर्ड आपूर्ति प्राप्त किए केवल फेक टैक्स इनवाइजेज/कूटरचित टैक्स इनवाइजेज प्राप्त करते हुए 76.62 लाख की आईटीसी पास आन करते हुए राजस्व की हानि की गई है। इस फर्म के विरुद्ध मौदहा में बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।