हमीरपुर और चित्रकूट में पान मसाला कारोबारियों और ट्रांसपोर्टर के घर DGGI का छापा, 180 करोड़ के हेरफेर की आशंका
लखनऊ से आई डीजीजीआइ की टीमों ने हमीरपुर और चित्रकूट में पान मसाला कारोबारियों व एक ट्रांसपोर्टर के यहां छापा ...और पढ़ें

कस्बा मौदहा के मुख्य बाजार में खड़ी लखनऊ से आई डीजीजीआइ टीम की गाड़ियां। जागरण
HighLights
डीजीजीआइ ने हमीरपुर, चित्रकूट में पान मसाला कारोबारियों पर छापा मारा।
180 करोड़ रुपये के जीएसटी हेरफेर की आशंका, जांच जारी है।
छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामग्री बरामद हुई।
जागरण संवाददाता, हमीरपुर। लखनऊ से आई वस्तु एवं सेवाकर खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआइ) की टीमों ने शुक्रवार को हमीरपुर और चित्रकूट में दो पान मसाला कारोबारियों व एक ट्रांसपोर्टर के यहां छापेमारी की। प्राथमिक जांच में 180 करोड़ रुपये के जीएसटी में हेरफेर की आशंका है।
कारोबारियों के घर, गोदामों व ट्रांसपोर्टर के कार्यालय में टीमें आवश्यक अभिलेख खंगाल रही है। टीम के आने की भनक पाकर हमीरपुर में कारोबारी पहले ही घर से चले गए। घर में उनका परिवार है। टीम ने दुकान के मुख्य दरवाजे को बंद कर अंदर जाने पर रोक लगा जांच की।
अगस्त में चित्रकूट व बांदा में भी टीम ने कारोबारी डेविड गुप्ता के यहां छापेमारी की थी, तब 185 करोड़ रुपये की गड़बड़ी पकड़ी गई थी। डीजीजीआइ के अधिकारियों ने बताया कि चित्रकूट प्रकरण में मिली कड़ी के आधार पर ही कार्रवाई की जा रही है।
चित्रकूट में टीम ने पान मसाला कारोबारी के प्रतिष्ठान से पैकिंग मशीन, रैपर, पान मसाला तैयार करने में प्रयोग किए जाने वाले उपकरण व बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की है। यहां से एक कारोबारी को भी टीम अपने साथ ले गई है। इसी तरह, ट्रांसपोर्टर के यहां पांच घंटे तक बिल्टी, ई-वे बिल, व अन्य कागजातों का मिलान किया।
मौदहा स्थित पान मसाला कारोबारी के घर के बाहर सुबह करीब 10 बजे लखनऊ नंबर की करीब 15 सफेद गाड़ियां एक साथ रुकीं और वाहनों से उतरे 25 महिला-पुरुष अधिकारी दौड़ते हुए सीधे व्यापारी के घर पहुंचे और अंदर जाकर दरवाजे बंद कर दिए।
आशंका है कि फर्म ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) क्लेम करके ली है। खरीद-बिक्री के आंकड़ों में बड़े पैमाने पर हेरफेर का संदेह है। जांच के दौरान अधिकारियों ने ई-वे बिल, लेजर बुक, बिक्री रजिस्टर व कंप्यूटर हार्डड्राइव को बारीकी से देखा।
गोदाम में मौजूद वास्तविक माल का मिलान भी कागज पर अंकित आंकड़ों से किया। कुछ अनियमितताएं टीम को मिली हैं। टीम ने व्यापारी के गोदाम में भी दस्तावेज खंगाले हैं। टीम की कार्रवाई के चलते मुख्य बाजार में सन्नाटा पसर गया। कई दुकानदार भी अपनी दुकानें बंद कर इधर उधर हो गए, क्योंकि उन्हें भी जांच का डर सता रहा।
राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर कृष्ण प्रकाश ने बताया कि मौदहा कस्बे में व्यापारी के यहां छापेमारी की जानकारी उन्हें नहीं दी गई है।
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