गोरखपुर, जागरण संवाददाता। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर में चाइल्ड केयर लीव नहीं मिलने से महिला रेलकर्मियों में रोष है। कार्मिक विभाग में उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे। एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) ने तो गुरुवार को बैठक कर रेलवे प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि कार्मिक विभाग में आग लगने से संबंधित फाइलें जल गई थीं। फाइलों के जल जाने से महिला कर्मियों को चाइल्ड केयर लीव नहीं मिल पा रहा। रेलवे प्रशासन ने यथाशीघ्र इसका समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन तय है।

पास के लिए आन लाइन व्‍यवस्‍था से परेशानी में रेलकर्मी

कार्मिक विभाग के सभागार में कर्मचारियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन के महामंत्री केएल गुप्त ने समस्याओं पर चर्चा करते हुए बताया कि अधिकतर कर्मचारी मोबाइल चलाना नहीं जानते। लेकिन ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) पर आनलाइन पास अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में कर्मचारियों का पास नहीं बन पा रहा। जबकि, रेलवे बोर्ड ने मैनुअल पास के लिए भी निर्देशित किया है।

रेलवे बोर्ड के आदेश के बाद भी नहीं बदल रहे पदनाम

रेलवे बोर्ड के आदेश पर भी कर्मचारियों के पदनाम नहीं बदले जा रहे। महिला कामन रूम के आरओ खराब पड़े हैं। पीने का पानी नहीं मिल रहा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को विभागीय परीक्षा पास करने के बाद भी पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अंत में महामंत्री ने रेलवे प्रशासन से ललित नारायण केंद्रीय रेलवे अस्पताल में 24 घंटे सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की। इस मौके पर यूनियन के पदाधिकारी और कार्मिक विभाग के कर्मचारी मौजूद थे। इसीक्रम में पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने भी रेलवे प्रशासन ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कराने की मांग की है।

स्टेशनों पर मिले बच्चों को किया चाइल्ड लाइन के हवाले

रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने विभिन्न स्टेशनों पर मिले बच्चों को स्थानीय चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया। यह जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने दी।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi