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जमीन का कागज असली फिर भी हो सकता है खेल... मोबाइल से ऐसे जांचें बेचने वाले का मालिकाना हक

Published: Wed, 07 Oct 2026 01:48 PM (IST)

जमीन खरीदने से पहले विक्रेता के मालिकाना हक की जांच करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि कई बार कागजात असली होने पर ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. खतौनी में दर्ज खातेदार का नाम और उसका हिस्सा जांचें।

  2. भूलेख पोर्टल पर जमीन के नामांतरण और मौजूदा रिकॉर्ड की स्थिति देखें।

  3. पुराने बैनामे का विवरण IGRSUP पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी से मिलाएं।

विवेक शुक्ला, गोरखपुर। जमीन खरीदने में सबसे बड़ा जोखिम सिर्फ यह नहीं कि संपत्ति पर कोई मुकदमा चल रहा है या नहीं, बल्कि यह भी है कि जमीन बेचने वाला व्यक्ति वास्तव में उसका मालिक है या नहीं। कई बार खरीदार सिर्फ विक्रेता के दिखाए कागज देखकर सौदे के लिए तैयार हो जाते हैं। बाद में पता चलता है कि जमीन में दूसरे सहखातेदार भी हैं या विक्रेता का नाम पुराने दस्तावेज में तो है, लेकिन मौजूदा राजस्व रिकॉर्ड में स्थिति अलग है। ऐसे में सौदा करने से पहले मोबाइल पर उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड से शुरुआती पड़ताल की जा सकती है।

सबसे पहले देखें खतौनी में किसका नाम है
उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल पर खतौनी (अधिकार अभिलेख) देखने की सुविधा है। जनपद, तहसील और गांव चुनकर गाटा संख्या के आधार पर संबंधित जमीन का रिकॉर्ड देखा जा सकता है। इसमें दर्ज खातेदारों के नाम और उनके हिस्से की जानकारी को विक्रेता द्वारा बताए गए विवरण से मिलाना चाहिए।

सिर्फ नाम नहीं, हिस्सा भी देखें

अगर खतौनी में एक गाटे पर एक से अधिक खातेदार दर्ज हैं तो जमीन पर सभी के अधिकार हो सकते हैं। ऐसे में केवल एक व्यक्ति के साथ पूरे गाटे का सौदा करने से पहले यह देखना जरूरी है कि उसके हिस्से में वास्तव में कितनी जमीन दर्ज है। यही वह जगह है जहां खरीदार अक्सर गलती करते हैं, गाटा नंबर सही होता है, लेकिन विक्रेता का हिस्सा पूरी जमीन नहीं होता।

नामांतरण भी जांचें

भूलेख पोर्टल पर गाटा से जुड़ी नामांतरण बही की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है। इसलिए विक्रेता के नाम के साथ यह भी देखें कि हाल में जमीन का नामांतरण हुआ है या नहीं। अचानक हुए नामांतरण या हाल में बदले रिकॉर्ड की स्थिति में संबंधित दस्तावेज जरूर मांगें।

पुराने बैनामे से करें मिलान

इसके बाद स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के IGRSUP पोर्टल पर संपत्ति खोज की सुविधा से संबंधित संपत्ति के पंजीकरण विवरण की पड़ताल की जा सकती है। पोर्टल पर नाम, पंजीकरण संख्या और खसरा आदि के आधार पर संपत्ति खोजने की सुविधा उपलब्ध है। विक्रेता से मिले पुराने बैनामे में दर्ज गाटा नंबर, क्षेत्रफल, गांव और विक्रेता-क्रेता के नाम का ऑनलाइन उपलब्ध विवरण से मिलान करें।

सौदा करने से पहले ये पांच चीजें मिलाएं

  • खतौनी में दर्ज खातेदार का नाम
  • विक्रेता के पहचान पत्र पर दर्ज नाम
  • विक्रेता का जमीन में दर्ज हिस्सा
  • पुराने बैनामे में दर्ज गाटा और क्षेत्रफल
  • नामांतरण के बाद मौजूदा रिकॉर्ड की स्थिति

एक और जरूरी बात

ऑनलाइन रिकॉर्ड में नाम मिल जाने का अर्थ यह नहीं है कि जमीन पर कोई अन्य कानूनी दावा नहीं हो सकता। यह शुरुआती जांच है। बड़े सौदे से पहले मूल दस्तावेज, पूर्व स्वामित्व की कड़ी और उपलब्ध न्यायालय/राजस्व रिकॉर्ड की जांच कराना सुरक्षित है।

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