ठंड आते ही बदला गोरखपुर Zoo का मैन्यू: बाघ-तेंदुए को ज्यादा मांस, तो गैंडे को मिलेगा गुड़-गन्ना
गोरखपुर चिड़ियाघर में ठंड के मौसम के लिए वन्यजीवों के खानपान में बदलाव किया जाएगा, जिसमें मांसाहारी जानवरों के मांस ...और पढ़ें

गोरखपुर चिड़ियाघर। जागरण
HighLights
ठंड में मांसाहारी जानवरों के भोजन की मात्रा में वृद्धि होगी।
बाघ को ठंड में 12 की जगह 14 किलोग्राम मांस मिलेगा।
शाकाहारी जीवों को ऊर्जा के लिए गुड़, गन्ना व शकरकंद मिलेगा।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) के वन्यजीवों के खानपान में अगले महीने से बदलाव होगा। ठंड में जानवरों के शरीर का तापमान गिरने से पाचन क्षमता व शारीरिक गतिविधियों पर असर पड़ता है। ऐसे में चिड़ियाघर प्रशासन उनके स्वास्थ्य व पोषण का ध्यान रखते हुए भोजन की मात्रा व गुणवत्ता में बदलाव करता है। वहीं, अधिक ठंड पड़ने पर उनके सेल से बाहर निकालने के समय को भी बदला जाता है।
ठंड में मांसाहारी जानवरों के भोजन में वृद्धि की जाती है। बाघ को 12 की जगह 14 किलोग्राम मांस दिया जाता है। तेंदुआ और लकड़बग्घा को अभी चार किलोग्राम मांस दिया जा रहा है। एक नवंबर से इन्हें पांच से छह किलोग्राम तक मांस दिया जाएगा। सियार का आहार एक से बढ़ाकर डेढ़ किलोग्राम और लोमड़ी को एक किलोग्राम मांस दिया जाएगा।
अभी इन्हें आधा किलोग्राम दिया जा रहा है। वहीं, भालू को सब्जियों व फलों के साथ ही शहद दिया जाएगा। इसकी मात्रा 50 से 100 ग्राम तक होगी। इसके अलावा सांप घर में रह रहे विभिन्न प्रकार के सांपों को 25 दिन में चूहा और खरगोश दिया जाएगा। मगरमच्छ व घड़ियाल को 20 दिन में मछलियां दी जाएंगी।
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शाकाहारी जीवों को दिया जाएगा गुड़ व गन्ना
ठंड में शाकाहारी जीवों के आहार में पोषण बढ़ाने के लिए विशेष तत्व जोड़े जाते हैं। हिरन, गैंडा व अन्य शाकाहारी जीवों को भोजन के साथ गुड़ भी दिया जाता है। गैंडे को गन्ना, शकरकंद व बरसीम दिया जाता है। इससे इन जीवों की ऊर्जा बनी रहती है।
चिड़ियाघर में रहने वाले पशु-पक्षियों का भोजन मौसम के अनुसार निर्धारित है। गर्मी व वर्षा में एक जैसा भोजन दिया जाता है, लेकिन ठंड में बदल जाता है। शेर, तेंदुआ, सियार, लोमड़ी व लकड़बग्घा के भोजन की मात्रा बढ़ा दी जाती है। पक्षियों को ठंड में कम पानी दिया जाता है।
