दीपावली तक टली UPI की मार, कारोबारियों ने ली राहत की सांस
गोरखपुर के व्यापारियों को धनतेरस और दीपावली से पहले राहत मिली है क्योंकि यूपीआई एमडीआर शुल्क दिवाली तक टाल दिया ...और पढ़ें

त्योहारी सीजन में डिजिटल भुगतान से बढ़ती है बिक्री। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
यूपीआई एमडीआर शुल्क दीपावली तक टला।
गोरखपुर के व्यापारियों को मिली बड़ी राहत।
त्योहारी सीजन में बढ़ेगी खरीदारी की रफ्तार।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। धनतेरस व दीपावली पर बाजार में खरीदारी की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद के बीच यूपीआइ भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क फिलहाल दिवाली तक टलने से व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। 15 अक्टूबर से शुल्क लागू होने की आशंका के बीच कारोबारियों को डर था कि डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत बढ़ने से उनके मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
त्योहार पर ग्राहक जरूरत के सामान के साथ शौक और उत्साह में दूसरी चीजें भी खरीदते हैं। ऐसे में भुगतान की सुविधा और खरीदारी का सहज अनुभव बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। शहर के व्यापारियों का मानना है कि शुल्क टलने से त्योहारी कारोबार को गति मिलेगी और ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त झिझक के खरीदारी कर सकेंगे।
डिजिटल भुगतान आज कारोबार का अहम हिस्सा बन चुका है। त्योहारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ने के साथ भुगतान के विकल्प भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। यूपीआइ की सुविधा से ग्राहक आसानी से भुगतान कर पाते हैं। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क की आशंका कारोबारियों के लिए चिंता का विषय थी। शुल्क टलने से फिलहाल इस दबाव से राहत मिली है। -संजय अग्रवाल, निदेशक, परंपरा जेम्स एंड ज्वेल्स
त्योहारी सीजन दुकानदारों और ग्राहकों, दोनों के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान दुकानदारों की बिक्री बढ़ती है, वहीं ग्राहक भी त्योहार के उत्साह में उन चीजों की खरीदारी करते हैं, जिन्हें सामान्य दिनों में खरीदने से बचते हैं। ऐसे में यूपीआइ भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क का टलना स्वागतयोग्य कदम है। इससे डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों और कारोबारियों, दोनों को राहत मिलेगी। -निकुंज टेकड़ीवाल, किराना कारोबारी
यूपीआइ भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को दीपावली के बाद तक टालने से व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। इससे त्योहारी सीजन में बिक्री पर अनुकूल असर पड़ेगा और व्यापारी अपना कारोबार सुचारु रूप से कर सकेंगे। फिलहाल एमडीआर शुल्क टलने से लेनदेन आसान रहेगा और व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। -आनंद रूंगटा, इलेक्ट्रानिक कारोबारी
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एनपीसीआइ की ओर से 15 अक्टूबर से प्रस्तावित एमडीआर शुल्क को दिवाली तक टालने से दुकानदारों को राहत मिली है। इससे बिक्री में गिरावट की आशंका कम होगी। धनतेरस और दीपावली पर व्यापार बढ़ने के साथ खरीदार भी बढ़-चढ़कर खरीदारी कर सकेंगे। कारोबार भी प्रभावित नहीं होगा। -आलोक चौरसिया, महामंत्री, दवा विक्रेता समिति
