विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मिशन शक्ति अभियान: गोरखपुर में रोशनी बनीं BDO, मांडवी ने संभाली BEO की जिम्मेदारी

Published: Wed, 14 Oct 2026 02:10 PM (IST)

मिशन शक्ति अभियान के तहत गोरखपुर में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की छात्राओं रोशनी वर्मा और मांडवी पाठक ने एक ...और पढ़ें

खंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका में छात्रा मांडवी पाठक। जागरण

खंड शिक्षा अधिकारी की भूमिका में छात्रा मांडवी पाठक। जागरण

HighLights

  1. रोशनी वर्मा ने बीडीओ बन सुनीं फरियादियों की समस्याएं।

  2. मांडवी पाठक ने बीईओ बनकर संभाली विद्यालयों की व्यवस्था।

  3. मिशन शक्ति से छात्राओं को मिला प्रशासनिक अनुभव।

जागरण टीम, गोरखपुर। मिशन शक्ति अभियान के तहत मंगलवार को जिले के दो कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की छात्राओं ने एक दिन के लिए प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं।

भटहट में कक्षा आठ की छात्रा रोशनी वर्मा खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बनीं, जबकि घघसरा क्षेत्र के मिनवां स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्रा मांडवी पाठक ने खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) की भूमिका निभाई। इस पहल के जरिए छात्राओं को प्रशासनिक कार्यप्रणाली समझने और नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

भटहट संवाद सूत्र के अनुसार, रोशनी वर्मा ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। भगवानपुर की प्रिया चौहान ने सिंचाई के संसाधनों की कमी, जैनपुर की आंचल साहनी ने करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी से घरों में जलापूर्ति शुरू नहीं होने और पिंकी चौहान ने गांव की बदहाल सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाया।

रोशनी ने समस्याओं के जल्द निस्तारण पर जोर दिया। इस दौरान बीडीओ श्यामलाल और एडीओ पंचायत बिकाऊं प्रसाद ने छात्राओं को कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और स्वयं सहायता समूहों की जानकारी दी। बीडीओ श्यामलाल, एडीओ पंचायत बिकाऊं प्रसाद, विद्यालय की वार्डन रंजना द्विवेदी, सुनीता गुप्ता, प्रियंका सिंह, अन्य छात्राएं और ब्लाककर्मी मौजूद रहे।

वहीं, घघसरा संवाद सूत्र के अनुसार मांडवी पाठक ने विद्यालयों में साफ-सफाई, विद्यार्थियों के बीच समन्वय और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने, पाठ्यपुस्तकों का समय से वितरण करने और स्मार्ट क्लास के माध्यम से डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर के कुसम्ही जंगल में छुपा 600 साल पुराना धाम, जहां मन्नत मांगते ही टल जाता है असमय काल

अधिकारियों और शिक्षकों ने उनकी कार्यशैली की सराहना की। बीईओ कुंवर विक्रम पांडेय, ब्लाक नोडल शिवाकांत त्रिपाठी, प्रीति सिंह, शैलेंद्र सिंह, राजेश कुमार, कुलदीप गुप्ता, सर्वेश दुबे, रिजवान और राम प्रसाद दुबे उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में जुहू चौपाटी की थी योजना, सुमेर सागर बना कूड़े का ठिकाना