गोरखपुर, जागरण संवाददाता। बिहार के समस्तीपुर में जले युवक की फोटो को गोरखपुर का बताकर ट्वीट कर दिया गया।बिक्रम सिंह बादलपुर नाम से बनी आइडी से हुई ट्वीट कुछ ही देर में इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गई।मामला संज्ञान में आते ही गोरखपुर पुलिस ने छानबीन में जुट गई।कुछ ही देर में पता चल गया यहां कोई घटना नहीं हुई है।एसएसपी के आदेश पर प्रभारी निरीक्षक कैंट ने ट्वीट करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने व 66 आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।

ऐसे फैलाई अफवाह

ट्वीट करने वाले ने लिखा है कि गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के नारायनपुर गांव में बसपा समर्थक को जिंदा जला दिया गया। पुलिस जबरन मामला शांत करा रही है, युवक का कसूर सिर्फ इतना है कि बीजेपी नेता ने पूछा वोट किसे दोगे तो उसने कहा हम बीएसपी को देंगे। हरकत में आई पुलिस ने छानबीन शुरू की तो पता चला कि फोटो पुरानी है और वह बिहार के समस्तीपुर की है। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।ट्वटिर पर इसका खंडन भी किया गया।अपील की गई है कि भ्रामक फोटो और खबर न फैलाएं। एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि बिहार के फोटो को गोरखपुर का बताते हुए अफवाह फैलाई गई थी।ट्वीट करने वाले की तलाश चल रही है।जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पिछले माह पाकिस्तानी युवती की फोटो हुई थी वायरल

पिछले माह पाकिस्तान की तेजाब पीड़ित युवती की फोटो को ट्वीट कर गोरखपुर में एसिड अटैक होने की जानकारी दी गई थी।इस फोटो व सूचना को सीम सिंह नाम की युवती के नाम से बनी आइडी से ट्वीट किया गया था।पोस्ट वायरल होते ही, गोरखपुर के साथ ही लखनऊ के आला अफसर भी हरकत में आ गए। जांच में पता चला कि पोस्ट में इस्तेमाल तस्वीर 2014 की है जो पाकिस्तान की एक तेजाब पीड़िता की है।एसएसपी के आदेश पर साइबर थाने में धार्मिंक उन्माद फैलाने और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।

लेडी डान नाम की आइडी से मिली थी धमाके की धमकी

15 दिन पहले लेडी डान नाम की आइडी से ट्वीट करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मारने और गोरखनाथ मंदिर में बम विस्फोट करने की धमकी दी गई थी।एसएसपी के आदेश पर कैंट पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।आरोपित की तलाश में एक टीम को गुरुग्राम भेजा गया था, लेकिन आरोपित का पता नहीं चला।

Edited By: Pradeep Srivastava