गोरखपुर (प्रेम नारायण द्विवेदी)। : रोडवेज बस कंडक्टरों की तर्ज पर अब रेलवे के कोच कंडक्टर (सीटीआइ) और टिकट जांच कर्मचारी (टीटीई और टीसी आदि) भी हाथ में टिकट मशीन (हेंड हेल्ड टर्मिनल या एचएचटी) लेकर चलेंगे। स्टेशन पर या ट्रेनों में टिकट और जुर्माना बनाने के लिए अब वे ईएफटी (एक्सेस फेयर टिकट) की जगह एचएचटी का ही प्रयोग करेंगे। ईएफटी में फर्जीवाड़ा पर पूरी तरह अंकुश लगाने तथा टिकट व्यवस्था को और आसान बनाने के लिए रेलवे ने एचएचटी के उपयोग का अहम निर्णय लिया है।

भारतीय रेलवे स्तर पर हेंड हेल्ड टर्मिनल का प्रयोग शुरू हो गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत साउथ सेंट्रल रेलवे के विजयवाड़ा मंडल में टर्मिनल का उपयोग किया जा रहा है। विभागीय जानकारों के अनुसार विजयवाड़ा मंडल में टर्मिनल का प्रयोग सफल है। जल्द ही अन्य जोनल रेलवे में भी इसका प्रयोग शुरू हो जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे में भी टर्मिनल के प्रयोग को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। दरअसल, ईएफटी में फर्जीवाड़ा को लेकर रेलवे महकमा गंभीर हुआ है। दो माह पहले ही गोंडा में ईएफटी के जरिये लगभग 14 लाख के गबन का मामला प्रकाश में आया था।

सूत्रों के अनुसार पूर्वोत्तर रेलवे में ही कई बार फर्जी ईएफटी का मामला पकड़ा जा चुका है। दो साल पहले लखनऊ में ईएफटी बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। कुछ चल टिकट निरीक्षक फर्जी ईएफटी का प्रयोग कर रेलवे को चूना लगाते रहे हैं।

टिकटों की जांच भी करेगा एचएचटी

पूर्वोत्तर रेलवे हेंड हेल्ड टर्मिनल को और विकसित करने का प्लान तैयार किया है। यह मशीन टिकटों की बुकिंग के अलावा काउंटरों से जारी टिकटों की जांच भी करेगी। संदेह होने पर टिकट जांच कर्मी यात्री के टिकट की जांच भी कर सकेंगे। टिकट पर एचएचटी रखते ही असली और नकली का भेद खुल जाएगा।

यह भी जानें

- एक्सेस फेयर टिकट एक प्रकार की रेलवे की अधिकृत रसीद है। टिकट जांच कर्मचारी स्टेशन पर या ट्रेनों में इस रसीद से ही टिकट और जुर्माना बनाते हैं। 

मिलेगी सहूलियत

- साथ लेकर चलने में होगी आसानी, टिकट बुक करने व जुर्माना बनाने में राहत।

- वाणिज्य विभाग को हर पल आनलाइन मिलती रहेगी रिपोर्ट।

- खत्म हो जाएंगी ईएफटी की छपाई और ढुलाई आदि में आने वाली दिक्कतें।

- समाप्त होगा ईएफटी के जरिये होने वाला फर्जीवाड़ा।

- टिकटों की बुकिंग और जुर्माना आदि व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता।

Posted By: Pradeep Srivastava