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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Train Late: 24 घंटे की देरी से चल रही बिहार संपर्क क्रांति, वंदे भारत भी होने लगी लेट; अब रेल यात्रा पहाड़ चढ़ने से कम नहीं

By Prem Naranyan Dwivedi Edited By: Aysha Sheikh
Published: Sat, 20 Jan 2024 11:01 AM (GMT+05:30)

Train Late Today दिल्ली ही नहीं छपरा और वाराणसी रूट पर चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार भी बेपटरी हो गई ...और पढ़ें

Train Late: 24 घंटे की देरी से चल रही बिहार संपर्क क्रांति, वंदे भारत भी होने लगी लेट
Train Late: 24 घंटे की देरी से चल रही बिहार संपर्क क्रांति, वंदे भारत भी होने लगी लेट

HighLights

  1. दिल्ली ही नहीं छपरा और वाराणसी रूट पर चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार भी बेपटरी
  2. गोरखपुर आने वाली गोरखधाम भी लगातार चल रही लेट, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। एक तो अधिकतर ट्रेनें या तो निरस्त हैं या मार्ग बदलकर चलाई जा रही हैं। जो प्रतिदिन चल रही हैं, उनकी रफ्तार पटरी से उतर गई है।

शुक्रवार को तो 12566 बिहार संपर्क क्रांति 24 घंटे की देरी से चल रही थी। 15003 चौरी चौरा 08:30 घंटे लेट गोरखपुर पहुंची। चौरी चौरा की रेक से ही गोरखधाम एक्सप्रेस भी चलती है। ऐसे में चौरी चौरा जब दोपहर बाद 02:45 बजे के आसपास प्लेटफार्म नंबर नौ पर पहुंची तो यात्रियों को उतरने के लिए धक्कामुक्की करनी पड़ी।

गोरखधाम एक्सप्रेस की जनरल बोगियों में चढ़ने के लिए प्लेटफार्म नंबर नौ पर पहले से खड़े यात्री चौरी चौरा एक्सप्रेस के खड़ा होते ही कोचों में सवार होने लगे। कोचों से उतरना मुश्किल हो गया। कुछ समय के लिए अफरातफरी मच गई।

चौरी चौरा ही नहीं 12556 गोरखधाम भी 05:15 घंटे की देरी से गोरखपुर पहुंची। 12558 सप्तक्रांति एक्सप्रेस भी 04:30 घंटे लेट थी। दिल्ली-गोरखपुर ही नहीं छपरा और वाराणसी रूट पर भी ट्रेनों का विलंबन जारी है।

वंदे भारत भी होने लगी है लेट

यह तब है जब ट्रैक पर ट्रेनों की संख्या कम है और फाग सेफ डिवाइस सहित सभी परंपरागत उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। अब तो वंदे भारत भी लेट होने लगी है। जानकारों का कहना है कि कोहरा के अलावा पूर्वोत्तर रेलवे में जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्यों ने ट्रेनों की गति पर ब्रेक लगा दिया है। रेल यात्रा पहाड़ चढ़ने जैसी हो गई है।