विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

चलते हुए स्‍वत: चार्ज हो जाएगी यह कार, 12वीं के छात्र ने किया तैयार

By Pradeep SrivastavaEdited By:
Published: Fri, 04 Jan 2019 10:46 AM (IST)Updated: Sun, 06 Jan 2019 04:17 PM (IST)

कक्षा 12 के छात्र हार्दिक श्रीवास्तव ने बैटरी कार इंजन का ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसे बार-बार चार्ज करने ...और पढ़ें

चलते हुए स्‍वत: चार्ज हो जाएगी यह कार, 12वीं के छात्र ने किया तैयार
चलते हुए स्‍वत: चार्ज हो जाएगी यह कार, 12वीं के छात्र ने किया तैयार

गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर के प्रतिभावान किशोर हार्दिक श्रीवास्तव की मेहनत रंग लाई तो अब कार के लिए पेट्रोल-डीजल भराने अथवा बार-बार चार्जिंग करने की समस्या से निजात मिल जाएगी। स्प्रिंगर स्कूल, बरगदवां में 12वीं के छात्र हार्दिक ने बैटरी कार इंजन का ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसे बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती। कार चलने के साथ बैटरी चार्ज होती रहेगी। हार्दिक ने यह मॉडल एमएमएमयूटी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर लेफ्टिनेंट केबी सहाय के निर्देशन में तैयार किया है। कार को बनाने वाले हार्दिक का दावा है कि जब तक बैटरी खराब नहीं होगी, तब तक इसे अलग से चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

हार्दिक ने अपने मॉडल का प्रदर्शन विश्वविद्यालय में किया। केबी सहाय के निर्देशन में हार्दिक ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में विभागाध्यक्ष प्रो. एसके श्रीवास्तव के सामने मॉडल का प्रदर्शन किया। हार्दिक ने बैटरी से चलने वाली कार के इंजन में ऐसा सर्किट तैयार किया है, जिससे गाड़ी चलने पर बैटरी चार्ज होती रहेगी। हार्दिक ने बताया कि जिस तरह से ट्रांसफार्मर में बिजली सप्लाई देने के बाद भी हिडेन एनर्जी बची रह जाती है, उसी तरह बैटरी में काफी इनर्जी बच जाती है।

इस सर्किट में हिडेन इनर्जी का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने का प्रयास किया गया है। इस तरह से हिडेन इनर्जी से बैटरी गाड़ी चलने के साथ चार्ज होती रहेगी और इसे अलग से चार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अपने मॉडल का पेटेंट कराने को तैयार हार्दिक ने सर्किट के बारे में फिलहाल पूरी जानकारी नहीं दी है। हार्दिक के मॉडल को विभागाध्यक्ष प्रो. एसके श्रीवास्तव ने भी सराहा है। अब इस प्रोजेक्ट को विश्वविद्यालय के डिजाइन, इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर से वित्तीय और अकादमिक मदद मिलेगी।

18 छात्रों की टीम तैयार करेगी कार

हार्दिक के इंजन मॉडल को कार का रूप देने के लिए एमएमएमयूटी के 18 छात्रों का दल सहयोग करेगा। लेफ्टिनेंट केबी सहाय इसके मुख्य मार्गदर्शक होंगे जबकि टीम में इलेक्ट्रिकल के अलावा कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, इलेक्ट्रानिक्स और केमिकल इंजीनियरिंग के कुल 20 छात्र भी सहयोग करेंगे। टीम ने इस प्रोजेक्ट को अगले छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।