गोरखपुर, जागरण संवाददाता। न जाने किस कोख से ममता रूठ गई और गोद की जगह नवजात को गन्ने का खेत नसीब हुआ। उसे जन्म देने वाली मां लावारिस हाल में मरने के लिए छोड़ गई। भला हो गांव के लोगों का जिन्होंने उसे देखते ही पुलिस को सूचना दी और नवजात की जान बचाने में मदद की।

जख्‍मी हालत में मिला नवजात

बस्ती जिले के दुबौलिया थाना क्षेत्र के मेघूपुर गांव के बाहर गन्ने के खेत में एक नवजात जख्मी हालत में पाया गया। ग्रामीणों की सूचना पर उमरिया चौकी के प्रभारी ओपी मिश्र ने अपने हमराही दीपक यादव के साथ पहुंचकर नवजात को गन्ने के खेत से बाहर निकलवाया। उसके पैर की अंगुलियों को किसी जानवर ने काट खाया था। देखने से ऐसा लग रहा था कि नवजात 10 से 12 घंटे पहले का पैदा हुआ था।

मामले की छानबीन में जुटी पुलिस

गांव की बदामा देवी व सरोज की मदद से नवजात की साफ सफाई करवाई गई। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर पहुंचाया गया। वहां उसका इलाज कराया गया, तत्पश्चात चाइल्ड लाइन के सदस्य चंदन शर्मा और सीमा चौधरी को बुलाकर नवजात को उन्हें सुपुर्द किया गया। चौकी प्रभारी ने बताया कि पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन कर रही है।

कमरे में साड़ी के फंदे से लटकी मिली किशोरी

कलवारी थानाक्षेत्र के कैथोलिया जाट गांव में 21 नवंबर की सुबह एक किशोरी अपने कमरे की कुंडी से साड़ी के फंदे से लटकी मिली। मृतका की मां सुमित्रा देवी ने बताया कि 17 वर्षीय बेटी मीना कुमारी शनिवार रात में भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने चली गई। परिवार के अन्य लोग भी सो गए। रविवार की सुबह जब काफी देर बाद भी मीना का कमरा नहीं खुला तो दरवाजा खटखटाया गया। कमरे के अंदर से कोई जबाब नहीं आया।

दरवाजा तोडकर अंदर गए स्‍वजन

घर के लोगों को जब अनहोनी की आशंका हुई तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। कमरे के अंदर का दृश्य देख हर कोई हतप्रभ रह गया। किशोरी का शव कमरे में छत कुंडी से साड़ी के फंदे से लटक रहा था। घटना की जानकारी कलवारी पुलिस को दी गई। पुलिस की मौजूदगी में शव को नीचे उतरवाया गया। प्रभारी थानाध्यक्ष राम वशिष्ठ ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर परिवार के लोगों से घटना के संबंध में पूछताछ की गई। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi