गोरखपुर में चाइनीज मांझे से शिक्षक की गर्दन और अंगुली कटी, मची अफरा-तफरी
गोरखपुर में चाइनीज मांझे से एक शिक्षक घायल हो गए। गोरखनाथ मंदिर के पास हुई इस घटना में शिक्षक की गर्दन और उंगली कट गई। दुकानदारों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। शिक्षक ने चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में मांझे की बिक्री जारी है जिससे हर साल कई लोग घायल हो रहे हैं।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। प्रतिबंधित चाइनीच मांझे की चपेट में आने से शुक्रवार की शाम स्कूटी सवार शिक्षक घायल हो गए। गोरखनाथ स्थित अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार को देखकर वह घर लौट रहे थे तभी चपेट में आ गए। आसपास के दुकानदारों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया तब जाकर जान बची।
तारामंडल के विवेकपुरम में रहने वाले प्रमोद सिंह पिपरौली ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय नगवां में सहायक अध्यापक हैं। मांझे से गर्दन व बाएं हाथ की एक अंगुली कट गई।
प्रमोद ने बताया कि गर्दन बचाने के चक्कर में मांझा बाएं हाथ में फंस गया एक अंगुली कट गई। गनीमत रही कि स्कूटी की रफ्तार धीमी थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
उनकी स्कूटी के पीछे से गुजर रहे दो और राहगीर भी चाइनीज मांझे की चपेट में आकर घायल हो गए।प्रमोद ने गोरखनाथ थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए चाइनीच मांझा बेचने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में खुलेआम बिक रहा चाइनीज मांझा
प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। जगह-जगह पर गलियों और फुटपाथों पर यह घातक मांझा खुलेआम बिक रहा है। प्रशासन और पुलिस हर बार प्रतिबंध और कार्रवाई की बात करती है, लेकिन हालात यह हैं कि हर वर्ष सैकड़ों लोग इसकी चपेट में आकर घायल हो रहे हैं।
गोरखनाथ मंदिर के पास शिक्षक प्रमोद सिंह के साथ हुआ हादसा कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कैंट, तिवारीपुर और राजघाट इलाकों में कई लोग घायल हो चुके हैं। तेज धार वाला यह मांझा तार और कांच के पाउडर से बना होता है।
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