Gorakhpur में 18 तक बंद रहेंगे स्कूल, इंटर तक की पड़ी छुट्टी; प्री-बोर्ड परीक्षा के लिए ये निर्देश जारी
Gorakhpur School Holiday कड़ाके की ठंड एवं शीतलहर का असर बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट तक के स्कूलों में 18 जनवरी तक पठन-पाठन बंद रखने का आदेश दिया गया है। हालांकि जिन विद्यालयों में बोर्ड को देखते हुए प्रायोगिक एवं प्री-बोर्ड परीक्षा संचालित है वहां विद्यार्थियों को कक्षा में ही बैठाकर परीक्षा लेनी होगी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। कड़ाके की ठंड एवं शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने प्री-प्राइमरी से लेकर इंटरमीडिएट तक के स्कूलों में 18 जनवरी तक पठन-पाठन बंद रखने का आदेश दिया है। बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए सोमवार की शाम को आदेश जारी किया गया।
ठंड का सितम जारी, कांपते रहे लोग
महराजगंज में बीते एक सप्ताह से कभी धूप तो कभी बदली के साथ ही सोमवार को फिर एक बार मौसम बिगड़ गया। पूरे दिन सर्द हवाओं के चलते तापमान ऐसा लुढ़का कि पूरे दिन लोगों को ठंडक सताती रही। मौसम में हुए इस अप्रत्याशित बदलाव से रविवार को पूरे दिन लोगों को ठंड से जूझना पड़ा।
रविवार को दोपहर बाद हुए हल्के धूप से लगा था, कि मौसम साफ होगा, लेकिन इसके मुकाबले सोमवार को जहां अधिकतम और न्यूनतम तामपान में कमी दर्ज की गई।कृषि विज्ञान केंद्र बसुली के मुताबिक आने वाले दो दिनों में अभी तापमान और गिरने के आसार हैं।
रविवार की दोपहर बाद हल्की धूप होने की वजह से लोगों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली थी। धूप की वजह से न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस पर था, वहीं अधिकतम तापमान का पारा बढ़कर 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा गया। वहीं सोमवार को तापमान लुढ़ककर अधिकतम 21 तो न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
हालांकि तापमान में कुछ खास घटत नहीं हुई, लेकिन पूरे दिन चलने वाली सर्द हवाओं ने लोगों को कांपने पर मजबूर कर दिया। सुबह से लेकर शाम तक लोग ठंडक से बचाव का जुगत करते दिखे। शहर के प्रमुख स्थानों पर अलाव के अलावा अन्य कई स्थानों पर लोग अलाव की वैकल्पिक व्यवस्था में ठंड से बचते दिखे।
ठंड में बचाव के अपनाएं उपाय
- बच्चे व बुजुर्ग सभी ठंड में गर्म कपड़े पहनें।
- गुनगुने पानी का सेवन करें।
- सुबह सोंठ, काली मिर्च, तुलसी, दालचीनी और अजवाइन को जल में उबालकर स्वादानुसार ग्रहण करें।
- ठंडा जल या भोजन जिसका तासीर शीत हो उसके सेवन से बचें।
- ताजा गर्म भोजन ग्रहण करें, जिसमे प्रचुर मात्रा में दाल और हरी सब्जियों का सेवन करें।
- रोज सुबह पांच भीगा हुआ बादाम का सेवन करें, साथ ही अखरोट, पिस्ता, खजूर खाएं
बच्चों में बढ़ रहा निमोनिया का खतरा
ठंड का मौसम बच्चों पर भारी पड़ रहा है। शीतलहर और गलन भरी ठंड के कारण बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में लगातार इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। सोमवार को इंसेफ्लाइटिस ट्रिटमेंट सेंटर (ईटीसी) में बुखार सहित ठंडक से बीमार 13 बच्चे भर्ती रहें, जबकि एसएनसीयू में भी 19 मासूमों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
सीएमएस डा. एपी भार्गव ने बताया कि ठंड से बचाव को लेकर लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। बिजली के उपकरणों की खरीदारी में आई तेजीठंड के मौसम में हीटर, ब्लोअर गीजर, लकड़ी और कोयले की मांग बढ़ गई है। बिजली के उपकरणों की खरीदारी तेज हो गई है।
हर तबका ठंड से बचाव के लिए अपने-अपने तरीके से इंतजाम कर रहा है। ठंड बढ़ने से हीटर, गीजर और लकड़ी की दुकानों पर खरीदार उमड़ रहे हैं। बिक्री अच्छी होने से दुकानदारों के चेहरे भी खुशी है।
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