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    बर्डघाट रामलीला में हुआ रावण वध, असत्य पर सत्य की विजय के बाद गूंजा जयघोष

    By Navneet Prakash TripathiEdited By:
    Updated: Sun, 17 Oct 2021 03:30 PM (IST)

    रामलीला समिति बर्डघाट के तत्वावधान में बर्डघाट मैदान में आयोजित रामलीला में विजयादशमी के दिन भगवान राम ने रावण का वध किया। इसके बाद पूरा मेला परिसर श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। भगवान श्रीराम ने जैसे ही तीर चलाया रावण धू-धू कर जलने लगा।

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    बर्डघाट रामलीला में हुआ रावण वध। जागरण

    गोरखपुर, जागरण संवाददाता। रामलीला समिति बर्डघाट के तत्वावधान में बर्डघाट मैदान में आयोजित रामलीला में विजयादशमी के दिन भगवान राम ने रावण का वध किया। इसके बाद पूरा मेला परिसर श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इसी के साथ राम-रावण युद्ध समाप्त हुआ। भगवान श्रीराम ने जैसे ही तीर चलाया, रावण धू-धू कर जलने लगा। रावण वध अधर्म पर धर्म व असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दे गया। पुतले में आग लगते ही दर्शकों ने जयघोष किया।

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    निकाली गई विजय शोभायात्रा

    इसके बाद भगवान की विजय शोभायात्रा निकली गई जिसमें उनके साथ माता सीता और भइया लक्ष्मण भी रथ पर सवार थे। श्रद्धालुओं ने मार्ग में जगह-जगह भगवान श्रीराम की आरती उतारी, मत्था टेका और मंगल कामना की।

    लोगों ने उतारी श्रीराम की आरती

    विजयादशमी के दिन बर्डघाट रामलीला मैदान पर करीब सायं चार बजे रामलीला का मंचन शुरू हुआ। इस मौके पर समिति के प्रमुख लोगों ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी और पूजा की। मंचन के दौरान सर्व प्रथम भगवान श्रीराम ने कुंभकरण को युद्ध में पराजित किया। बलशाली भाई की मृत्यु से बौखलाया रावण स्वयं श्रीराम से युद्ध करने पहुंचा और दोनों के बीच घमासान युद्ध हुआ। अंत में भगवान राम के एक तीर ने बलशाली रावण को धराशायी कर दिया।

    राघव-शक्ति मिलन के बाद खत्‍म हुआ विजय जुलूस

    रावण के धरती पर गिरते ही माहौल जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद भगवान राम का विजय जुलूस निकला जो बसंतपुर तक गया और राघव-शक्ति मिलन के बाद हिंदी बाजार आकर समाप्त हुआ। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष पंकज गोयल, महामंत्री अनूप अग्निहोत्री, मृणाल बरनवाल, कन्हैया व अनुराग मंझवार आदि का सक्रिय सहयोग रहा।

    लगा रहा मेला

    रामलीला मैदान में मेला लगा रहा। खान-पान, खिलौने, सौंदर्य प्रसाधन व घरेलू सामान की दुकानें सजी रहीं। खिलौनों व सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर बच्चों व महिलाओं की भीड़ लगी रही। लोगों ने मिठाई खरीदी और भगवान राम को चढ़ाई। प्रसाद अपने घर ले गए। माहौल उत्सव व उल्लास से भरपूर था।