गोरखपुर में 19 दिसंबर से शुरू होगा रामप्रसाद बिस्मिल बलिदान शताब्दी समारोह, तैयारियां तेज
बलिदानी रामप्रसाद बिस्मिल के बलिदान का शताब्दी वर्ष 19 दिसंबर 2026 से शुरू होगा, जिसे राष्ट्रीय गौरव का महापर्व बताया ...और पढ़ें

कार्यक्रम की जानकारी देते समारोह के संयोजक अविनाश कुमार गुप्ता। जागरण
HighLights
रामप्रसाद बिस्मिल का शताब्दी वर्ष 19 दिसंबर 2026 से शुरू।
महुआ डाबर संग्रहालय कर रहा राष्ट्रीय स्मृति समारोह का आयोजन।
समारोह की तैयारियों हेतु 43 सूत्रीय प्रस्ताव सरकार को भेजे गए।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। बलिदानी रामप्रसाद बिस्मिल ने 19 दिसंबर 1927 को जिला कारागार में भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। 19 दिसंबर 2026 से उनके बलिदान का शताब्दी वर्ष प्रारंभ हो रहा है। यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि सौ वर्षों में एक बार आने वाला राष्ट्रीय गौरव का महापर्व है।
1857 के स्वतंत्रता संग्राम में गैर-चिरागी क्रांति-तीर्थ महुआ डाबर (जनपद बस्ती) के वंशजों द्वारा संचालित महुआ डाबर संग्रहालय की ओर से 17 से 19 दिसंबर, 2026 तक राष्ट्रीय स्मृति समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समारोह की तैयारियों को लेकर आयोजन समिति की आवश्यक बैठक मुंशी प्रेमचंद पार्क में हुई।
महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक डा. शाह आलम राना ने कहा कि शताब्दी समारोह को गौरवमयी और ऐतिहासिक बनाने के लिए 43 सूत्रीय मांगों एवं कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्ताव सरकार, शासन, संस्कृति मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, रेल मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), प्रसार भारती सहित सभी संबंधित विभागों को भेजा गया है।
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समारोह के संयोजक अविनाश कुमार गुप्ता ने बताया कि नगर आयुक्त अजय जैन, अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव, एसएसपी डा. कौस्तुभ, डीएम दीपक मीणा, सीएमओ डा. राजेश झा, जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय, गोवि के कुलपति प्रो. केपी सिंह, सांसद रवि किशन, केंद्रीय मंत्री एवं सांसद कमलेश पासवान व सांसद रामभुआल निषाद से शताब्दी वर्ष की मांगों को लेकर बैठक हो चुकी है। बैठक में धीरेंद्र प्रताप, सुरेंद्र कुमार, पवन कुमार, संजू चौधरी, मारुतिनंदन चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
