गोरखपुर, जागरण संवाददाता। Sub Inspector Recruitment exam: पूर्वांचल साल्वर गैंगों का नया केंद्र बन रहा है। कोई गैंग पुलिस में भर्ती कराने को ठेका ले रहा है तो दारोगा भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण कराने का। कुछ गिरोह गोरखपुर व आस-पास के जिलों में सक्रिय हैं तो यहीं के रहने वाले गिरोह के कुछ सदस्य कानपुर व अन्य जिलों में। पूर्वांचल के सैकड़ों बेरोजगार को अपने झांसे में लेकर गिरोह के यह सदस्य लाखों की ठगी कर चुके हैं। तमाम लोग इस गैंग के सांठ-गांठ से विभिन्न सरकारी पदों पर नौकरी कर रहे हैं। इनकी संख्या कितनी है, यह कहां-कहां तैनात हैं, इसकी जानकारी न पुलिस को और न ही एसटीएफ टीम को।

पुलिस भर्ती, टेट, सिविल सेवा को उत्तीर्ण कराने का भी लेते हैं ठेका

मंगलवार को एसटीएफ की गोरखपुर यूनिट ने रामगढ़ताल इलाके से एक ऐसे गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने 15 लाख रुपये में दारोगा बनाने का ठेका लिया। एसटीएफ के मुताबिक केंद्र संचालक की सांठ-गांठ से यह गिरोह बड़े पैमाने पर अभ्यर्थियों को पास कराने वाला था। एसटीएफ से इस गिरोह ने अभी तक सिर्फ इतना कबूला है कि इन्होंने दो लोगों से रुपये लेकर परीक्षा में बिठाया भी था। हालांकि अभी इसकी जांच पूरी नहीं हो सकी है कि उन्होंने सिर्फ दो लोगों से रुपये लिये थे अथवा वह अन्य लोगों को भी परीक्षा दिलवा चुके हैं। एसटीएफ अभी सिर्फ गिरोह के नित्यानंद गौड़, अनुभव सिंह, सेनापति साहनी को गिरफ्तार कर सकी है। बुधवार को एसटीएफ व शाहपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने साल्वर गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। यह गिरोह भी पुलिस भर्ती, टेट, सिविल सेवा आदि परीक्षाओं में लोगों को उत्तीर्ण कराने का ठेका लेता था।

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नीट की परीक्षा उत्तीर्ण कराने वालों में रहे हैं गोरखपुर के लोग

साल्वर गैंग के कई चेहरे गोरखपुर के अलावा कानपुर सहित कई जिलों में सक्रिय हैं। इसमें से बांसगांव का अमित जायसवाल व गगहा निवासी वेदरतन सिंह उर्फ भोला को पिछले वर्ष अक्टूबर में कानपुर पुलिस ने पकड़ा था। दोनों नीट की परीक्षा में लोगों को उत्तीर्ण कराने का ठीका लेते थे।

पहले में कई गैंग पकड़े गए

24 नवंबर 2021 : एसटीएफ व शाहपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने साल्वर गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया।

23 नवंबर 2021 : एसटीएफ ने रामगढ़ताल थाना क्षेत्र से साल्वर गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। यह गैंग दारोगा भर्ती परीक्षा उत्तीर्ण कराने का ठीका लेता था।

25 अगस्त 2021 : कैंट पुलिस ने पीईटी में शामिल साल्वर सहित दो युवकों को गिरफ्तार किया। उनके पास से फर्जी दस्तावेज बरामद हुए।

01 फरवरी 2021 : गोरखपुर और प्रयागराज से एसटीएफ ने कोसीटेट में साल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस दौरान प्रयागराज से सरगना प्रशांत सिंह, धर्मेंद्र सिंह, शिवपूजन पटेल, मुनेश कुमार, आदित्य शाही, पूजा देवी और गोरखपुर से यतेंद्र कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। गिरोह ने केपी उच्च शिक्षा संस्थान झलवा और गोरखपुर के इंदिरा गांधी गर्ल्स डिग्री कालेज रामपुर में तीन मूल अभ्यर्थियों की जगह साल्वर को बिठाया था।

28 नवंबर 2020 : पैडलेगंज से एसटीएफ गोरखपुर की टीम ने अंतर्राज्यीय साल्वर गिरोह के सरगना समेत 12 आरोपितों को गिरफ्तार कर फोन, डायरी, प्रवेश पत्र सहित कई सामान बरामद किया था। कर्मचारी चयन आयोग मध्य क्षेत्र की ओर से आयोजित दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में धांधली करने का आरोप लगा। सभी के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया।

20 दिसंबर 2020 : शाहपुर पुलिस ने शनिवार की शाम जेल वार्डर की परीक्षा देने पहुंचे साल्वर को गेट पर पकड़ लिया। वह फिरोजाबाद जिले का रहने वाला है। शाहपुर पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज किया।

14 अगस्त 2019 : नौसढ़ के एक परीक्षा केंद्र पर पुलिस टीम ने साल्वर को गिरफ्तार किया। यहां पर कुल 11 साल्वर के बैठने की सूचना थी।

07 अगस्त 2019 : कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के आनलाइन परीक्षा केंद्र से दो साल्वर, एक परीक्षार्थी समेत चार को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इस दौरान गैंग का सरगना नालंदा निवासी कुंदन फरार हो गया।

14 सितंबर 2018 : नौसढ़ के परीक्षा केंद्र उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड की सहायक समीक्षा अधिकारी के पद पर भर्ती परीक्षा में वास्तविक परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दे रहे बिहार के दो साल्वरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया।

21 सितंबर 2018 : पिपराइच स्थित एक आनलाइन परीक्षा केंद्र से रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में अभ्यर्थी अमित, साल्वर अभिषेक, रोहित, राजीव व पंकज पकड़े गए थे।

15 सिंतंबर 2017 : दरोगा के प्लाटून कमांडर की आनलाइन परीक्षा में स्वास्तिक परीक्षा सेंटर से अभिषेक रंजन, अभ्यर्थी रमेश प्रसाद, मास्टरमाइंड अवधेश गिरफ्तार हुए थे।

पूर्वांचल की अधिकांश परीक्षाओं का केंद्र गोरखपुर रहता है। पुलिस की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर भी रहती है। इसलिए साल्वर गैंग के कई सदस्य पकड़े भी गए हैं। अभी तक पकड़े गए गिरोहों में ऐसा कोई मामला नहीं संज्ञान में आया है, जिसमें पिछले गैंगों के सदस्य शामिल रहे हों। अभी तक जितने भी गैंग पकड़े गए, सभी नए गैंग हैं। पुलिस व एसटीएफ इस पर भी नजर रखती है कि इन गैंगों के सदस्यों की जेल से छूटने के बाद क्या गतिविधि रहती है। कहीं कुछ गलत दिखता है तो कार्रवाई भी होती है। - जे. रविंद्र गौड़, पुलिस उप महानिरीक्षक गोरखपुर रेंज।

Edited By: Pradeep Srivastava